LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Reading: भारत-पाकिस्तान में फिर होगा ‘बंटवारा’? हिमालय में सुरंग सुनते ही पड़ोसी लगा छटपटाने
Share
Font ResizerAa
LRN24LRN24
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - अंतरराष्ट्रीय - भारत-पाकिस्तान में फिर होगा ‘बंटवारा’? हिमालय में सुरंग सुनते ही पड़ोसी लगा छटपटाने

भारत-पाकिस्तान में फिर होगा ‘बंटवारा’? हिमालय में सुरंग सुनते ही पड़ोसी लगा छटपटाने

Rajat Kumar
Last updated: 2026/06/23 at 4:12 PM
Rajat Kumar
Share
4 Min Read
SHARE

IWT पर भारत की नई रणनीति, चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना से पाकिस्तान की बढ़ी चिंता

भारत: और पाकिस्तान के बीच दशकों पुरानी सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस बार वजह है हिमालय के दुर्गम क्षेत्र में शुरू किया गया महत्वाकांक्षी चिनाब-ब्यास टनल लिंक प्रोजेक्ट। करीब 8.7 किलोमीटर लंबी इस सुरंग परियोजना का उद्देश्य चिनाब नदी के अतिरिक्त जल को हिमाचल प्रदेश स्थित ब्यास बेसिन में स्थानांतरित करना है।

Contents
IWT पर भारत की नई रणनीति, चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना से पाकिस्तान की बढ़ी चिंताक्या है चिनाब-ब्यास टनल लिंक प्रोजेक्ट?पाकिस्तान क्यों कर रहा विरोध?सिंधु जल संधि क्या कहती है?बदली भारत की नीतिअप्रैल 2025 के बाद बढ़ी सख्तीजल सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का नया समीकरणभविष्य में क्या हो सकता है?निष्कर्ष

भारत इस परियोजना को अपने जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और ऊर्जा सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है, जबकि पाकिस्तान ने इसे सिंधु जल संधि के उल्लंघन की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। यही कारण है कि परियोजना सामने आते ही दोनों देशों के बीच जल कूटनीति पर नई बहस छिड़ गई है।

क्या है चिनाब-ब्यास टनल लिंक प्रोजेक्ट?

यह परियोजना चिनाब नदी प्रणाली से अतिरिक्त जल को सुरंग के माध्यम से ब्यास बेसिन तक पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है। इससे पानी का संग्रहण, सिंचाई और पनबिजली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत लंबे समय से पश्चिमी नदियों पर मिले अपने अधिकारों का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाया था। अब सरकार उन अधिकारों को व्यावहारिक रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

पाकिस्तान क्यों कर रहा विरोध?

पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने इस परियोजना के संबंध में न तो कोई आधिकारिक सूचना दी और न ही कोई औपचारिक वार्ता की। इस्लामाबाद का आरोप है कि यह कदम सिंधु जल संधि और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की भावना के खिलाफ है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि इस तरह का इंटर-बेसिन ट्रांसफर क्षेत्रीय जल संतुलन को प्रभावित कर सकता है और पाकिस्तान के हिस्से में आने वाले जल प्रवाह पर असर डाल सकता है।

सिंधु जल संधि क्या कहती है?

1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि को दुनिया की सबसे सफल जल संधियों में गिना जाता है।

इस समझौते के तहत:

  • सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का प्राथमिक उपयोग पाकिस्तान को मिला।
  • रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का उपयोग भारत को मिला।

हालांकि पश्चिमी नदियों पर भारत को सीमित सिंचाई, जलविद्युत परियोजनाएं और कुछ मात्रा में जल भंडारण की अनुमति भी दी गई थी।

बदली भारत की नीति

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कई दशकों तक भारत ने सिंधु जल संधि की बेहद उदार व्याख्या की। लेकिन हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों ने भारत की सोच को प्रभावित किया है।

2016 के उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान—“खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते”—इस नीति परिवर्तन का संकेत माना गया था।

इसके बाद पुलवामा हमला और फिर विभिन्न आतंकी घटनाओं ने भारत को अपने रणनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया।

अप्रैल 2025 के बाद बढ़ी सख्ती

विश्लेषकों के अनुसार पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के कई प्रावधानों की समीक्षा शुरू कर दी। अब चिनाब-ब्यास लिंक प्रोजेक्ट को उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

भारत का तर्क है कि यदि उसे संधि के तहत वैध अधिकार प्राप्त हैं, तो उनका उपयोग राष्ट्रीय हित में किया जाना चाहिए।

जल सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का नया समीकरण

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संसाधनों को केवल विकास के दृष्टिकोण से नहीं देखा जा रहा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दबाव के एक साधन के रूप में भी देखा जा रहा है।

भारत का संदेश स्पष्ट माना जा रहा है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय संबंधों को अलग-अलग खानों में नहीं रखा जा सकता। यदि क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित होती है तो उसका असर अन्य समझौतों पर भी पड़ सकता है।

भविष्य में क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत पश्चिमी नदियों पर अपने वैध अधिकारों का उपयोग बढ़ा सकता है। इससे जल प्रबंधन, ऊर्जा उत्पादन और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

दूसरी ओर पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि अंतिम परिणाम दोनों देशों के राजनीतिक और कूटनीतिक रुख पर निर्भर करेगा।


निष्कर्ष

चिनाब-ब्यास टनल लिंक प्रोजेक्ट केवल एक इंजीनियरिंग परियोजना नहीं, बल्कि भारत की बदलती जल और सुरक्षा नीति का प्रतीक बनता जा रहा है। सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच नए विवाद की संभावना बढ़ गई है, लेकिन भारत स्पष्ट संकेत दे रहा है कि अब वह अपने जल अधिकारों का अधिकतम उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में यह परियोजना दक्षिण एशिया की जल राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है।

TAGGED: Chenab Beas Tunnel, Himalaya Tunnel Project, India Pakistan News, Indus Water Treaty, International Relations, Narendra Modi Government, National Security, Pakistan News, Strategic Affairs, Water Dispute
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

उत्तर प्रदेशआगराराज्यलखनऊवायरल न्यूज़

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मौत बनकर दौड़ी बस! डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में घुसी, 5 की दर्दनाक मौत

8 hours ago
उत्तर प्रदेशराजनीतिराज्यवायरल न्यूज़

“BJP अपना नाम ‘भारतीय चीटिंग पार्टी’ रख ले…” जन्मदिन पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान

8 hours ago
टेक्नोलॉजीराष्ट्रीय

WhatsApp के नए Username फीचर पर सरकार की नजर! क्या बढ़ जाएगा साइबर फ्रॉड का खतरा? शुरू हुई बड़ी जांच

10 hours ago
वायरल न्यूज़अपराध

मां की दूसरी शादी बनी खूनी रंजिश! 20 वर्षीय बेटे ने सोते हुए सौतेले पिता का कुदाल से गला काटा, गुरुग्राम में सनसनी

10 hours ago
Lrn24 logo Lrn24 logo

About US

LRN24 is a digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from India and around the world. Our goal is to keep our readers informed with verified facts, meaningful stories, and real-time updates that matter.

Important Pages
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Usefull Links
  • Disclaimer
  • DNPA Code of Ethics
  • Grievance Redressal

Contact Address

Lrn24
(MSME UDYAM-UP-01-0000389)
E-162, Rambagh Agra,UP
MOB : +91-9058005498
Email : liverealnews24official@gmail.com

© 2024, LRN24.com | All Rights Reserved.

Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?