लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार, संविधान, आस्था, कानून व्यवस्था और आगामी चुनावों को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए कई बड़े राजनीतिक बयान दिए। सबसे चर्चित टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अब भाजपा को अपना नाम बदलकर “भारतीय चीटिंग पार्टी (भाचपा)” रख लेना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में हुई। जन्मदिन का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने मीडिया से मुस्कुराते हुए कहा कि “आज मेरा जन्मदिन है, इसलिए कोई कड़वा सवाल मत पूछिए।” लेकिन इसके बाद उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए।
“बीजेपी ने आस्था और संविधान दोनों के साथ किया धोखा”
अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और देश का संविधान लोकतंत्र की सबसे बड़ी मर्यादा है। उनका आरोप था कि भाजपा ने दोनों के साथ अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी घटनाएं सामने आ रही हैं, वे खुद इस बात का प्रमाण हैं कि जनता के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने सांसदों के बल पर संविधान में बदलाव करना चाहती है, लेकिन समाजवादी पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी।
उन्होंने अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के सच्चे भक्त की भावना से अपनी बात रखी थी, लेकिन भाजपा ने हमेशा जनता की भावनाओं और संविधान का राजनीतिक लाभ उठाया।
भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज थानों, तहसीलों और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। पोस्टिंग से लेकर आम जनता के काम तक हर स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी हो या न हो, लेकिन कम से कम जनता का सोना-चांदी तो वापस मिलना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम नागरिक न्याय पाने के लिए भटक रहा है जबकि भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है।

मस्जिद विवाद पर भी सरकार पर हमला
हाल ही में हुई मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सपा प्रमुख ने भाजपा पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए अब धर्म नहीं बल्कि केवल धन महत्वपूर्ण रह गया है। लोकतंत्र में सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सरकार हर विषय पर अपनी मर्जी थोपने का प्रयास कर रही है।
“बीजेपी को हराने के लिए डबल तैयारी”
आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बार परिस्थितियां ऐसी बनती हैं जिन्हें आम लोग तुरंत नहीं समझ पाते। उन्होंने संकेतों में कहा कि “कांटे से कांटा निकलवा दिया गया।”
उन्होंने दावा किया कि भाजपा की राजनीतिक रणनीति अब कमजोर पड़ रही है और समाजवादी पार्टी इस बार पहले से अधिक मजबूत तैयारी कर रही है।
‘PDA प्रहरी’ अभियान का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने पार्टी के नए संगठनात्मक अभियान की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेशभर में सदस्यता अभियान शुरू होगा।
इस अभियान के तहत बूथ स्तर पर ‘PDA प्रहरी’ नियुक्त किए जाएंगे, जो पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को जोड़ने के साथ-साथ नए वोटर्स का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए पार्टी गांव-गांव और बूथ-बूथ तक अपनी पहुंच मजबूत करेगी।
अंजलि को दिलाई पार्टी की सदस्यता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने अंजलि नाम की एक युवती को समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी दिलाई।
अंजलि वही युवती हैं जिन्होंने कुछ दिन पहले लखनऊ में आयोजित भंडारे में अखिलेश यादव को आमंत्रित किया था। इस मौके को पार्टी ने सामाजिक जुड़ाव और नए सदस्यता अभियान का हिस्सा बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जन्मदिन के अवसर पर दिए गए इन बयानों के जरिए अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान तेज करने का संकेत दिया है।
निष्कर्ष
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर भ्रष्टाचार, संविधान, कानून व्यवस्था और आस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए। “भारतीय चीटिंग पार्टी” वाला उनका बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। साथ ही PDA प्रहरी अभियान और सदस्यता विस्तार कार्यक्रम के जरिए समाजवादी पार्टी ने आगामी चुनावों की तैयारी का स्पष्ट संकेत भी दे दिया है।

