शादी से इनकार के बाद युवती और परिवार के खिलाफ शुरू हुआ कथित साइबर उत्पीड़न
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती द्वारा शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद कथित तौर पर साइबर उत्पीड़न का लंबा सिलसिला शुरू हो गया। आरोप है कि राजस्थान के उदयपुर निवासी युवक ने न केवल युवती को लगातार परेशान किया, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसकी फर्जी निजी तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कीं। इतना ही नहीं, उसने एक ही दिन में युवती के घर के पते पर सैकड़ों टैक्सी और बाइक बुक कर दीं तथा गोदभराई के फर्जी निमंत्रण पत्र तक बंटवा दिए।
मामला अब पुलिस और राज्य महिला आयोग तक पहुंच चुका है, जहां युवती ने न्याय की गुहार लगाई है।
मेट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई थी पहचान
जानकारी के अनुसार, युवती की बहन ने विवाह के लिए एक लोकप्रिय मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर उसका प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान राजस्थान के उदयपुर निवासी एक युवक से संपर्क हुआ।
दोनों परिवारों की सहमति से मुलाकात भी हुई, लेकिन युवती और उसके परिवार को युवक का व्यवहार संदिग्ध लगा। इसके बाद परिवार ने रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
युवती का कहना है कि यही फैसला बाद में उसके लिए परेशानी का कारण बन गया।
लगातार कॉल और मैसेज से परेशान हुई युवती
आरोप है कि रिश्ता टूटने के बाद युवक लगातार फोन कॉल और संदेश भेजने लगा। कई बार समझाने के बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं।
स्थिति से परेशान होकर जुलाई 2025 में युवती ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। हालांकि इसके बाद भी आरोपी कथित रूप से अलग-अलग नंबरों से संपर्क करता रहा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशान करने लगा।
युवती ने दावा किया कि आरोपी ने अपने फोन कॉल्स उसके नंबर पर फॉरवर्ड कर दिए थे। यहां तक कि जब पुलिस आरोपी से संपर्क करने का प्रयास करती थी, तब कॉल युवती के फोन पर पहुंच जाता था।

एक दिन में 500 टैक्सी और बाइक घर पहुंचीं
मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू जनवरी 2026 में सामने आया। युवती के अनुसार आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर और पता इस्तेमाल कर विभिन्न कैब सेवाओं पर लगातार बुकिंग कर दी।
ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के जरिए एक ही दिन में लगभग 500 टैक्सी और बाइक उसके घर पहुंच गईं।
युवती ने बताया कि अधिकांश राइड्स उज्जैन के लिए बुक की जाती थीं ताकि अधिक किराए के लालच में दूर-दराज के ड्राइवर भी बुकिंग स्वीकार कर लें।
इससे न केवल परिवार को भारी मानसिक परेशानी हुई बल्कि बड़ी संख्या में ड्राइवर भी बिना सवारी के पहुंचकर परेशान हुए। बाद में कई टैक्सी चालकों ने भी मामले में गवाही देने की इच्छा जताई।
AI से बनाए हनीमून और निजी पलों के फर्जी फोटो
युवती का आरोप है कि जब उसने आरोपी को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया तो उसने नई पहचान बनाकर सोशल मीडिया पर नजर रखना शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से AI तकनीक का उपयोग कर युवती के साथ हनीमून, निजी मुलाकातों और पारिवारिक समारोहों जैसी फर्जी तस्वीरें तैयार कर लीं।
इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्रोफाइल और स्टेटस पर साझा किया गया, जिससे युवती और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
गोदभराई के फर्जी कार्ड छपवाकर कॉलोनी में बंटवाए
युवती ने महिला आयोग को बताया कि आरोपी ने उसकी कथित गोदभराई समारोह के नकली निमंत्रण पत्र भी तैयार करवाए।
इन कार्डों में कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का दावा किया गया था ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में पहुंचें।
बाद में ये कार्ड हॉकर के माध्यम से पूरी कॉलोनी में वितरित करवा दिए गए, जिससे परिवार को सामाजिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
साइबर विशेषज्ञों ने बताया गंभीर अपराध
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति के नाम, मोबाइल नंबर या पहचान का दुरुपयोग कर बार-बार ऑनलाइन सेवाओं की बुकिंग करना, फर्जी डिजिटल सामग्री तैयार करना और सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान करना गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
जांच और कार्रवाई की मांग
युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ राज्य महिला आयोग से भी हस्तक्षेप की मांग की है। अब पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
निष्कर्ष
भोपाल की यह घटना दिखाती है कि आधुनिक तकनीक और AI का दुरुपयोग किस तरह किसी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकता है। शादी से इनकार के बाद कथित रूप से शुरू हुआ यह साइबर उत्पीड़न केवल एक परिवार की परेशानी नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा और महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

