अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से मचा हड़कंप
पूर्वोत्तर: भारत का खूबसूरत राज्य अरुणाचल प्रदेश इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे ज्यादा प्रभावित केयी पान्योर जिले का याचुली क्षेत्र है, जहां अचानक आई बाढ़ और बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है।
अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है जबकि चार अन्य लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन, पुलिस, SDRF और भारतीय वायुसेना मिलकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।
लगातार बारिश के बाद बिगड़े हालात
बुधवार से शुरू हुई भारी बारिश ने पूरे जिले की स्थिति गंभीर बना दी। नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ ही घंटों में स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी का बहाव इतना तेज था कि कई जगहों पर सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन को कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा।
भूस्खलन से सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। याचुली और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया।
सड़कें बंद होने के कारण राहत और बचाव दलों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
सरकार ने सक्रिय किया हवाई राहत अभियान
जैसे ही पूसा क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर सूचना प्रशासन को मिली, राज्य सरकार ने तत्काल आपातकालीन राहत तंत्र को सक्रिय कर दिया। नागरिक उड्डयन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया और प्रभावित क्षेत्रों में हवाई सहायता भेजने का निर्णय लिया गया।
केयी पान्योर जिले की उपायुक्त श्वेता नागर द्वारा सहायता की मांग किए जाने के बाद राज्य सरकार ने शिलांग स्थित पूर्वी वायु कमान (Eastern Air Command) से संपर्क स्थापित किया।
इसके बाद भारतीय वायुसेना ने बचाव और राहत अभियान के लिए विशेष हेलीकॉप्टर मिशन शुरू किया।

खराब मौसम के बीच वायुसेना का साहसिक मिशन
भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय और पूर्वी वायु कमान के अधिकारियों के मार्गदर्शन में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान चलाया। खराब मौसम, कम दृश्यता और लगातार बारिश के बावजूद वायुसेना की टीम होलोंगी पहुंचने में सफल रही।
इसके बाद हेलीकॉप्टरों के माध्यम से SDRF के जवानों, राहत सामग्री और जीवनरक्षक उपकरणों को राजधानी क्षेत्र ईटानगर से सीधे पिटापूल और अन्य प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टर उड़ानें भी संचालित की जाएंगी ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
लापता लोगों की तलाश जारी
प्रशासन के अनुसार, चार लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। SDRF, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें लगातार खोज अभियान चला रही हैं।
हालांकि तेज बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने पर खोज अभियान को और तेज किया जा सकेगा।
प्रशासन और स्थानीय टीमों की सराहना
राज्य सरकार ने आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए भारतीय वायुसेना, SDRF, नागरिक उड्डयन विभाग और होलोंगी हवाई अड्डा प्रशासन की सराहना की है।
साथ ही केयी पान्योर की उपायुक्त श्वेता नागर, जिला पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय स्वयंसेवकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की गई है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में राहत कार्यों को जारी रखा।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
निष्कर्ष:
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन ने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के लापता होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। भारतीय वायुसेना, SDRF और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति इस पूरे अभियान की सफलता में अहम भूमिका निभाएगी।

