लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एनडीए (NDA) की तैयारी कर रहे 16 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल की ऊंची मंजिल से गिरकर मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। यह हादसा उस समय हुआ, जब छात्र अपने जन्मदिन से महज तीन दिन दूर था। घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
मृतक छात्र की पहचान रोहित शर्मा के रूप में हुई है, जो हाथरस जिले का रहने वाला था। वह बंथरा क्षेत्र स्थित एक आवासीय डिफेंस कोचिंग संस्थान में रहकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की तैयारी कर रहा था। शुक्रवार रात हुई इस घटना के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सेना में अफसर बनने का सपना अधूरा रह गया
रोहित के पिता हरीश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखता था। इसी उद्देश्य से उसे लखनऊ भेजा गया था ताकि वह बेहतर तैयारी कर सके। परिवार के मुताबिक रोहित पढ़ाई में होनहार था और भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित रहता था।
सबसे भावुक बात यह है कि 1 जुलाई को रोहित का जन्मदिन था। उसने कुछ दिन पहले ही दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने की बात कही थी और पिता से कुछ पैसे भी मांगे थे। पिता ने ऑनलाइन 500 रुपये भेजे थे और वादा किया था कि जन्मदिन से पहले और पैसे भेजेंगे। लेकिन जन्मदिन आने से पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पांचवीं मंजिल या तीसरी मंजिल? यही बना सबसे बड़ा सवाल
घटना के बाद कई सवाल सामने आ रहे हैं। परिवार का दावा है कि रोहित पांचवीं मंजिल से गिरा, जबकि पुलिस का कहना है कि वह तीसरी मंजिल से नीचे गिरा था।
परिजनों का कहना है कि रोहित पहली मंजिल पर रहता था। ऐसे में वह ऊपर क्यों गया? जिस मंजिल से गिरने की बात कही जा रही है वहां निर्माण कार्य चल रहा था और पर्याप्त सुरक्षा रेलिंग भी नहीं थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वह वहां कैसे पहुंचा।

मोबाइल कमरे में मिला, चप्पल भी नहीं मिली
परिवार ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिला है। रोहित का मोबाइल फोन उसके कमरे में मिला, जबकि उसकी चप्पल भी घटनास्थल पर नहीं मिली।
पिता का कहना है कि यदि रोहित खुद ऊपर गया होता तो कम से कम अपना मोबाइल साथ लेकर जाता। ऐसे में घटना को लेकर संदेह और गहरा हो गया है।
सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?
परिजनों के अनुसार सीसीटीवी कैमरे में केवल छात्र के नीचे गिरने की घटना रिकॉर्ड हुई है। लेकिन वह ऊपर तक कैसे पहुंचा, इसकी कोई स्पष्ट फुटेज सामने नहीं आई।
इसी वजह से परिवार पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है। पिता चाहते हैं कि सीसीटीवी की पूरी रिकॉर्डिंग, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जाए।
लापरवाही का आरोप
मृतक छात्र के पिता ने कोचिंग और हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद रोहित काफी देर तक जमीन पर पड़ा रहा लेकिन समय पर कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
उनके अनुसार सबसे पहले अन्य छात्रों ने बाहर निकलकर रोहित को देखा और प्रबंधन को सूचना दी। यदि समय पर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
बंथरा थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
कोचिंग हॉस्टलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर देशभर में कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। यदि किसी भवन में निर्माण कार्य चल रहा हो तो वहां छात्रों की आवाजाही रोकने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सभी आवासीय कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था की नियमित जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
लखनऊ में एनडीए की तैयारी कर रहे छात्र रोहित शर्मा की मौत केवल एक हादसा नहीं बल्कि कई गंभीर सवाल छोड़ गई है। आखिर वह ऊपरी मंजिल तक कैसे पहुंचा? सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक तो नहीं हुई? क्या समय पर सहायता मिलने से उसकी जान बच सकती थी? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पूरा परिवार निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

