MP News: शिवपुरी बनेगा भारत का नया डिफेंस हब, 2500 करोड़ की फैक्ट्री में बनेंगे आधुनिक हथियार, मिसाइल और गोला-बारूद
भोपाल/शिवपुरी: मध्य प्रदेश का शिवपुरी अब केवल पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और माधव टाइगर रिजर्व के लिए ही नहीं जाना जाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों में यह देश के सबसे बड़े रक्षा उत्पादन केंद्रों में भी शामिल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शिवपुरी जिले में करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। यह परियोजना न केवल मध्य प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी और जीत अदाणी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक रक्षा उपकरणों और सैन्य तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें देश के भविष्य के रक्षा उत्पादन की झलक देखने को मिली।
शिवपुरी में बनेंगे आधुनिक हथियार और मिसाइलें
प्रस्तावित डिफेंस प्लांट में अत्याधुनिक हथियार, आधुनिक मिसाइलें, गोला-बारूद, रक्षा उपकरण और एयरोस्पेस सिस्टम तैयार किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा डिफेंस एवं एयरोस्पेस निर्माण संयंत्र होगा।
इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय सेना की जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करना है, ताकि रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम हो और भारत वैश्विक रक्षा उत्पादन बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सके।
211 करोड़ की विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान शिवपुरी जिले में 211 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास, बेहतर आधारभूत संरचना और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिवपुरी का यह डिफेंस प्लांट प्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय साबित होगा और आने वाले वर्षों में यहां बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगा।

करीब 10 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलने वाला है। अनुमान है कि परियोजना से करीब 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
रक्षा उत्पादन से जुड़ी सप्लाई चेन विकसित होने के कारण स्थानीय MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) को भी बड़े स्तर पर व्यापारिक अवसर मिलेंगे। इससे छोटे उद्योगों, परिवहन, इंजीनियरिंग और तकनीकी सेवाओं को भी नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।
मध्य प्रदेश में 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश
अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने कार्यक्रम में बताया कि समूह ने मध्य प्रदेश में कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंप हाइड्रो स्टोरेज, सीमेंट, लॉजिस्टिक्स, माइनिंग और थर्मल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक लगभग 1.20 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिवपुरी की डिफेंस फैक्ट्री इस बड़े निवेश अभियान की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आने वाले समय में शिवपुरी की पहचान केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि भारत के रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में भी होगी।
उन्होंने कहा कि यहां बनने वाले हथियार और गोला-बारूद भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएंगे और स्थानीय युवाओं का कौशल सीधे देश की सुरक्षा से जुड़ जाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी नई मजबूती देगी।
डिफेंस सेक्टर में मध्य प्रदेश की बढ़ेगी हिस्सेदारी
विशेषज्ञों के अनुसार, रक्षा उत्पादन में भारत तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार लगातार निजी कंपनियों को रक्षा उत्पादन में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
शिवपुरी में बनने वाला यह अत्याधुनिक प्लांट देश के रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल भारतीय सेना को आधुनिक उपकरण मिलेंगे, बल्कि भविष्य में रक्षा उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
डिफेंस फैक्ट्री शुरू होने के बाद शिवपुरी में नई सड़कें, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, वेयरहाउस, इंजीनियरिंग यूनिट्स और तकनीकी संस्थानों का विकास होने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना शिवपुरी को देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों की श्रेणी में लाने की क्षमता रखती है।
निष्कर्ष
शिवपुरी में बनने वाला 2500 करोड़ रुपये का डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का घरेलू उत्पादन, हजारों युवाओं के लिए रोजगार, स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा और मध्य प्रदेश में बड़े निवेश की संभावनाएं इस परियोजना को बेहद महत्वपूर्ण बनाती हैं। आने वाले वर्षों में शिवपुरी देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर एक नई पहचान के साथ उभर सकता है।

