‘भंगजी बाबा’ कहकर किया मजाक, फिर मिली दर्दनाक मौत… गाजियाबाद में युवक की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश: के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मामूली मजाक ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने युवक पर दरांती से कई वार किए और हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
पुलिस ने आरोपी निरांचल उर्फ मंत्री को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल की गई दरांती और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है।
गन्ने के खेत में मिला युवक का शव
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान तरुण उर्फ नमित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खतौली का रहने वाला था और पिछले करीब दो वर्षों से अपने परिवार के साथ मोदीनगर के पूठरी गांव में किराए पर रह रहा था।
रविवार शाम करीब पांच बजे वह टहलने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद ग्राम प्रधान की मदद से पुलिस को सूचना दी गई।
सोमवार सुबह गांव से लगभग 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में उसका शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर पुलिस और ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए।
मजाक बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी निरांचल उर्फ मंत्री (33) पिछले कुछ दिनों से मृतक से नाराज था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पहले तरुण और उसके दोस्तों ने उसे “भंगजी बाबा” कहकर चिढ़ाया और मजाक उड़ाया था। आरोपी इस बात को लेकर अंदर ही अंदर गुस्से में था।
रविवार शाम जब उसने तरुण को अकेले जाते देखा तो दोनों के बीच फिर वही बात हुई। आरोपी के मुताबिक, तरुण ने दोबारा उसे उसी नाम से पुकारा। इससे वह अपना आपा खो बैठा और दरांती से हमला कर दिया।

हमले के बाद हुई बेहद क्रूर वारदात
पुलिस के अनुसार आरोपी ने तरुण पर कई बार दरांती से हमला किया। युवक के चेहरे, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने हत्या के बाद शव को सड़क से खींचकर खेत में ले जाने की भी कोशिश की। उसने शव को बोरे में भरने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका और शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
पहले भी हमला करने की कोशिश
पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी उन लोगों से बदला लेना चाहता था जिन्होंने उसका मजाक उड़ाया था।
उसने बताया कि तीन दिन पहले उसने एक अन्य युवक प्रिंस पर भी हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के पहुंच जाने से वह बच गया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले से ही बदला लेने की योजना बना रहा था और इसी उद्देश्य से दरांती लेकर घूम रहा था।
मृतक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक तरुण अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
परिवार में मां, एक भाई और दो बहनें हैं। बेटे की निर्मम हत्या की खबर मिलते ही पूरे परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने आरोपी को कठोर से कठोर सजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी क्रूर हत्या पहले कभी गांव में नहीं हुई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।
आरोपी के बारे में क्या पता चला?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मजदूरी करता है और उसका व्यवहार सामान्य नहीं माना जाता था।
प्राथमिक जांच के अनुसार वह नशे का आदी है और तांत्रिक गतिविधियों में भी रुचि रखता था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना के समय उसकी मानसिक स्थिति क्या थी।
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फोन अपने साथ ले लिया था। इसी मोबाइल की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने क्या कहा?
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दरांती, मृतक का मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
निष्कर्ष
गाजियाबाद के मोदीनगर में हुई यह वारदात बताती है कि मामूली विवाद और व्यक्तिगत अपमान की भावना किस तरह हिंसक अपराध में बदल सकती है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन हत्या के पीछे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।

