तिरुवनंतपुरम: केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर भारी तबाही मचा दी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान लगातार जारी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इडुक्की में घर पर गिरा मलबा, महिला की मौत
इडुक्की जिले के अडूरमाला क्षेत्र में शनिवार सुबह भारी बारिश के बीच भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से आया भारी मलबा सीधे एक मकान पर गिर गया। इस हादसे में सुमति नामक महिला की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने समय रहते उनके पति और बेटे को बाहर निकाल लिया, लेकिन दोनों घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद NDRF, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद महिला का शव बरामद किया गया।
कोट्टायम में युवक की मौत, मां की तलाश जारी
कोट्टायम जिले के पूंजार क्षेत्र में भी भूस्खलन ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। यहां एक मकान पर मलबा गिरने से जोसेफ नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
वहीं उसकी मां अब भी लापता हैं और आशंका है कि वे मलबे के नीचे दब गई हैं। बचाव दल लगातार उनकी तलाश कर रहा है।
वागामोन में रिश्तेदार के घर सो रहे व्यक्ति की मौत
एक अन्य दुखद घटना इडुक्की के वागामोन क्षेत्र में हुई, जहां भूस्खलन के दौरान एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
इस हादसे में प्रभाकरन नायर की मौत हो गई। बताया गया कि वे अपने रिश्तेदार के घर रात में ठहरे हुए थे। कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद उनका शव मलबे से बाहर निकाला गया।

बाढ़ से डूबे कई गांव, लोगों का सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू
भारी बारिश के कारण इडुक्की जिले के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं। पुल्लाकयार नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।
कोक्कयार क्षेत्र में करीब आधा दर्जन घरों में पानी भर गया, जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया।
उप्पुथारा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण पुलिस की एक जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई।
सड़कें बंद, यातायात पूरी तरह प्रभावित
बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं।
- कट्टाप्पना-वझावारा सड़क बंद।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर जलभराव।
- नेल्लीमाला मार्ग पर यातायात प्रभावित।
- कई पुल और कॉजवे पानी में डूब गए।
लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
कोट्टायम के एराट्टुपेट्टा, कांजिरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली क्षेत्रों में भारी जलभराव दर्ज किया गया है।
रिहायशी इलाकों में पानी भरने से लोग घरों की ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। स्थानीय प्रशासन, फायर ब्रिगेड और स्वयंसेवकों की मदद से नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मणिमाला और पुल्लाकयार नदियों के उफान पर आने से कई संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।
अन्य जिलों में भी बारिश का कहर
पत्तनमथिट्टा जिले में भूस्खलन और पंपा नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रानी क्षेत्र में प्रशासन ने नावों की मदद से राहत अभियान शुरू किया है।
इसके अलावा कोल्लम, मलप्पुरम, कोझिकोड, पलक्कड़ और कन्नूर जिलों में भी बाढ़, जलभराव और छोटे स्तर के भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
कोझिकोड के चलियम तट पर ऊंची लहरों में फंसी एक मछली पकड़ने वाली नाव से सभी मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
8 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद
भारतीय मौसम विभाग ने पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी इलाकों, नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।
निष्कर्ष:
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

