नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स ने एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक डबल पोडियम फिनिश हासिल करते हुए दो पदक अपने नाम किए। भारतीय स्टार एथलीट प्रवीण चित्रवेल ने शानदार प्रदर्शन के दम पर सिल्वर मेडल जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने बेहतरीन छलांग लगाकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से लहरा दिया।
यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि किसी बड़े बहुराष्ट्रीय खेल आयोजन में एक ही स्पर्धा में दो भारतीय खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना देश की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
प्रवीण चित्रवेल ने चौथे प्रयास में पलटा मुकाबला
मुकाबले की शुरुआत में प्रवीण चित्रवेल संघर्ष करते नजर आए। पहले प्रयास में उन्होंने 16.05 मीटर की छलांग लगाई, जिससे वह शीर्ष खिलाड़ियों से पीछे थे। तीसरे राउंड में उन्होंने 16.31 मीटर की जंप लगाकर वापसी की, लेकिन तब भी वे पांचवें स्थान पर बने हुए थे।
इसके बाद चौथे प्रयास में प्रवीण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16.58 मीटर की छलांग लगाई। इस शानदार प्रयास ने उन्हें सीधे दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया और उन्होंने सिल्वर मेडल लगभग पक्का कर लिया। अंतिम राउंड तक कोई भी खिलाड़ी उनकी दूरी को पार नहीं कर सका और उन्होंने रजत पदक अपने नाम कर लिया।
सेल्वा प्रभु ने भी दिखाई दमदार चुनौती
भारत के दूसरे एथलीट सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने भी पूरे मुकाबले में शानदार निरंतरता दिखाई। दूसरे प्रयास में उन्होंने 16.17 मीटर की छलांग लगाकर पदक की दौड़ में खुद को बनाए रखा।
तीसरे राउंड में उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 16.43 मीटर की दूरी तय की। इसके बाद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 16.52 मीटर रहा, जिसने उन्हें प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत को डबल पोडियम फिनिश दिलाई।

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ट्रिपल जंप की यह सफलता भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। लंबे समय से भारत ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा था और अब खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित कर रहा है कि भारत विश्व स्तर पर चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं का असर अब खिलाड़ियों के प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है।
पदक तालिका में भारत की स्थिति हुई मजबूत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बॉक्सिंग, कुश्ती, निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स सहित कई स्पर्धाओं में भारत लगातार पदक जीत रहा है।
प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु के पदक जीतने से भारत की पदक तालिका और मजबूत हुई है। इससे भारतीय दल का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और आने वाले मुकाबलों में स्वर्ण पदकों की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
दोनों खिलाड़ियों की यह सफलता देशभर के युवा एथलीटों के लिए प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलता रहा, तो भारत भविष्य में ओलंपिक और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
देशभर में जश्न का माहौल
दोनों खिलाड़ियों की ऐतिहासिक सफलता के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। खेल प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और कई गणमान्य हस्तियों ने प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
निष्कर्ष:
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा भारत के लिए बेहद यादगार रही। प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर और सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर की छलांग के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

