‘PM मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं राहुल गांधी’, पीयूष गोयल का दावा; जेन-जी और पेपर लीक कानून पर भी रखा सरकार का पक्ष
केंद्रीय मंत्री: और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, युवाओं के समर्थन और पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए कानून को लेकर विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी युवाओं, खासकर जेनरेशन-ज़ेड (Gen-Z) के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं और यही बात विपक्ष को परेशान कर रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी स्वयं को लंबे समय तक युवा नेता के रूप में प्रस्तुत करते रहे, लेकिन अब युवाओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता अधिक दिखाई देती है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में राजनीतिक बहस तेज रही है।
‘जेन-जी हमेशा हमारे साथ रही’
पीयूष गोयल ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को युवा मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, नई पीढ़ी विकसित भारत के विजन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
उन्होंने कहा कि “जेनरेशन-ज़ेड हमेशा हमारे साथ रही है और आगे भी विकसित भारत के संकल्प का समर्थन करती रहेगी।”
गोयल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से सीधा संवाद और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रिय मौजूदगी नई पीढ़ी के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने में मदद करती है। उनके मुताबिक, यही कारण है कि युवा देश के विकास से जुड़े अभियानों में भी अधिक भागीदारी दिखा रहे हैं।
हालांकि, यह भाजपा का राजनीतिक दावा है और विभिन्न दल युवाओं के समर्थन को लेकर अपने-अपने दावे करते रहे हैं।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से असहज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले स्वयं को देश का प्रमुख युवा चेहरा बताते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वे दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं। उनके अनुसार, युवाओं का विश्वास सरकार की नीतियों और विकास के एजेंडे पर लगातार बढ़ रहा है।
यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा माना जा रहा है।
पेपर लीक कानून पर सरकार का बचाव
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों और पेपर लीक के मुद्दे पर पूछे गए सवालों के जवाब में पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। उनके अनुसार, यह कानून परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
गोयल ने कहा कि सरकार ने केवल कानून बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बाद में इसमें संशोधन कर इसे और प्रभावी बनाया गया ताकि पेपर लीक जैसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो सके।

यूपीए सरकार पर लगाया आरोप
पीयूष गोयल ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्व यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2010-11 में परीक्षा पेपर लीक को रोकने के लिए कानून बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया।
उनके अनुसार, एनडीए सरकार ने वर्ष 2024 में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कानून लागू किया और बाद में संशोधन के माध्यम से उसे और सख्त बनाया।
गोयल ने कहा कि नए प्रावधानों में दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और जांच प्रक्रिया को मजबूत करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
विपक्ष के विरोध पर क्या बोले?
पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में इस विधेयक का विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हित में होता तो उसे ऐसे कानून का समर्थन करना चाहिए था। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि चुनावी हार से निराश होकर विपक्ष सरकार के हर कदम का विरोध करता है।
हालांकि, विपक्षी दलों ने विधेयक पर चर्चा के दौरान अपने अलग-अलग तर्क और आपत्तियां रखी थीं।
संसद से पारित हुआ संशोधन विधेयक
हाल ही में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से मंजूरी मिल चुकी है। सरकार का कहना है कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद करेगा।
अब इस कानून के लागू होने के बाद उसकी प्रभावशीलता और जमीनी स्तर पर परिणामों पर सभी की नजर रहेगी।
निष्कर्ष:
पीयूष गोयल के बयान ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं में लोकप्रियता, जेन-जी के समर्थन और पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए कानून का बचाव करते हुए राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। दूसरी ओर, इन मुद्दों पर विपक्ष के अपने अलग तर्क हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह बहस राजनीतिक और संसदीय दोनों स्तरों पर जारी रहने की संभावना है।

