नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के मई और जुलाई 2026 में दिए गए आदेशों को चुनौती देते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की है।
मामला कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विघ्नेश शिशिर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में राहुल गांधी पर उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक संपत्ति होने का आरोप लगाया गया है। इसी शिकायत पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संबंधित आरोपों के सत्यापन को लेकर CBI और ED को कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
अब राहुल गांधी ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि उन्होंने मुख्य याचिका के साथ-साथ एक अलग ट्रांसफर पिटीशन भी दाखिल की है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट के मई-जुलाई 2026 के आदेशों को चुनौती दी गई है। उनका पक्ष है कि हाई कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगी जाए।
हाई कोर्ट ने मई में अपने आदेश में शिकायत में लगाए गए आरोपों के सत्यापन की बात कही थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि CBI और ED अपने वैधानिक अधिकारों के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकती हैं।
इसके बाद मामले की जांच और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर अदालत में सुनवाई आगे बढ़ी।
CBI और ED की कार्रवाई पर भी हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान CBI की ओर से की जा रही कार्रवाई का मुद्दा भी अदालत के सामने आया था। 20 जुलाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने CBI की ओर से दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताया था।
अदालत ने टिप्पणी की थी कि दाखिल हलफनामा पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद एजेंसी से मामले में आगे की स्थिति को लेकर जानकारी मांगी गई।
वहीं, ED की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
हाई कोर्ट ने दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

अब सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?
राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। पहली याचिका के जरिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
दूसरी याचिका ट्रांसफर पिटीशन है। इसमें मांग की गई है कि मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित किया जाए।
दोनों याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 17 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में इस तारीख को होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी दोनों ही नजरें टिकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विघ्नेश शिशिर की शिकायत से शुरू हुआ। शिकायत में राहुल गांधी की संपत्ति और घोषित आय को लेकर सवाल उठाए गए थे।
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की घोषित आय की तुलना में उनकी संपत्ति अधिक है। इसी आधार पर मामले में जांच और सत्यापन की मांग की गई थी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने मामला पहुंचने के बाद अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
हालांकि, किसी शिकायत में आरोप लगाए जाने और उन आरोपों के न्यायिक रूप से साबित होने में अंतर होता है। इस मामले में भी जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
हाई कोर्ट में 20 अगस्त को होनी थी अगली सुनवाई
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने CBI और ED से जांच की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट मांगी थी। मामले की अगली सुनवाई हाई कोर्ट में 20 अगस्त के लिए निर्धारित की गई थी।
अब राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद मामले की दिशा पर शीर्ष अदालत की सुनवाई का असर पड़ सकता है।
17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट यह देखेगा कि राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिकाओं पर क्या आदेश दिया जाता है। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका और केस ट्रांसफर करने की मांग पर शीर्ष अदालत का रुख क्या रहता है।
राजनीतिक रूप से भी अहम है मामला
राहुल गांधी देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। ऐसे में उनके खिलाफ किसी कानूनी मामले की जांच शुरू होने का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तीखी राजनीतिक बहस चलती रही है। ऐसे में राहुल गांधी से जुड़ा यह मामला भी राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन सकता है।
हालांकि, कानूनी तौर पर मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालतों के फैसले पर निर्भर करेगा।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तारीख 17 अगस्त 2026 है। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
एक तरफ इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है, तो दूसरी ओर मामले को दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों पर कोई राहत मिलती है या मामला मौजूदा प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ता है।
निष्कर्ष
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के मई-जुलाई 2026 के आदेशों को चुनौती देने के साथ मामले को दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग भी की है। शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता विघ्नेश शिशिर की ओर से की गई थी, जिसके बाद CBI और ED की कार्रवाई का मुद्दा हाई कोर्ट में पहुंचा। अब दोनों याचिकाओं पर 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

