वृंदावन: हरियाली तीज के पावन अवसर पर वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में एक बार फिर भव्य और मनमोहक श्रृंगार की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस खास दिन ठाकुर बांकेबिहारीजी वर्ष में केवल एक बार होने वाले स्वर्ण-रजत हिंडोला दर्शन में भक्तों को दर्शन देंगे। इस दिव्य झांकी को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की उम्मीद है।
इस बार ठाकुरजी के लिए तैयार कराई गई विशेष पोशाक भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब दो लाख रुपये कीमत की हरे रंग की पोशाक में ठाकुर बांकेबिहारी का श्रृंगार किया जाएगा। पोशाक को दिल्ली के डिजाइनर ने विशेष रूप से तैयार किया है।
दो लाख की खास पोशाक में नजर आएंगे ठाकुरजी
हरियाली तीज के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी को पहनाई जाने वाली पोशाक का रंग इस पर्व की भावना के अनुरूप रखा गया है। पोशाक का मुख्य रंग हरा है, जबकि इसमें लाल रंग का बॉर्डर लगाया गया है।
इस पोशाक की सबसे खास बात इसमें की गई हाथ की मीनाकारी बताई जा रही है। बारीक कारीगरी से तैयार की गई यह पोशाक ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार के लिए तैयार कराई गई है।
जानकारी के अनुसार, ठाकुरजी के एक सेवायत ने अपने भक्त के माध्यम से दिल्ली के नामचीन ड्रेस डिजाइनर रतिराम रामविनोद से यह विशेष पोशाक तैयार कराई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
स्वर्ण-रजत हिंडोला बनेगा आकर्षण का केंद्र
हरियाली तीज के दिन ठाकुर बांकेबिहारी स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। बांकेबिहारी मंदिर में इस विशेष झांकी का भक्तों को पूरे वर्ष इंतजार रहता है।
मान्यता और परंपरा के अनुसार, इस दिन ठाकुरजी हिंडोले में झोटे लेते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं। भक्त भी अपने आराध्य को हिंडोले में झुलाने की भावना से दर्शन करते हैं।
हिंडोले की भव्यता और ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार का अद्भुत मेल इस अवसर को और खास बना देता है।
चार सखियां भी देंगी दिव्य झांकी में साथ
हरियाली तीज की इस विशेष झांकी में ठाकुरजी के आसपास उनकी सखियों के स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। ललिता, विशाखा, रंगदेवी और चित्रलेखा सखी चंवर झलाते हुए ठाकुरजी की सेवा करती नजर आएंगी।
इन सखियों के स्वरूप भी चांदी से निर्मित कराए गए हैं। स्वर्ण-रजत हिंडोले के साथ इनका विशेष संयोजन झांकी की सुंदरता को और बढ़ाएगा।
भक्तों के लिए यह केवल श्रृंगार दर्शन नहीं, बल्कि ब्रज की पारंपरिक भक्ति और संस्कृति से जुड़ा विशेष अवसर माना जाता है।

पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
हरियाली तीज के मौके पर वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस बार करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है।
बांकेबिहारी मंदिर में हरियाली तीज के दिन विशेष दर्शन होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की जाती है।
ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, मंदिर परिसर में सुचारु आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधा महत्वपूर्ण चुनौती होती है।
मंदिर में विशेष तैयारियां पूरी
हरियाली तीज की विशेष झांकी को देखते हुए मंदिर परिसर को भी सजाया गया है। ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार से लेकर हिंडोले तक, तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी के अनुसार, हरियाली तीज के लिए ठाकुरजी की विशेष पोशाक उनके भक्त द्वारा तैयार कराई गई है।
इससे साफ है कि ठाकुर बांकेबिहारी के भक्तों में इस विशेष पर्व को लेकर कितना उत्साह रहता है। हरियाली तीज पर होने वाला यह श्रृंगार वृंदावन की धार्मिक परंपरा और ब्रज संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हरे रंग के श्रृंगार का खास महत्व
हरियाली तीज सावन के मौसम में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। चारों ओर हरियाली, झूले और सावन की फुहारों के बीच इस पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी विशेष है।
इसी वजह से ठाकुर बांकेबिहारी के श्रृंगार में हरे रंग को प्रमुखता दी जाती है। हरे वस्त्र और भव्य हिंडोला दर्शन भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
जब ठाकुरजी हरे रंग की मीनाकारी वाली पोशाक में स्वर्ण-रजत हिंडोले पर विराजेंगे, तो मंदिर में मौजूद भक्तों के लिए यह पल बेहद खास होगा।
भक्तों को पूरे साल रहता है इंतजार
बांकेबिहारी मंदिर में होने वाले विशेष पर्वों में हरियाली तीज का अपना अलग महत्व है। साल में एक बार स्वर्ण-रजत हिंडोले पर होने वाले ठाकुरजी के दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहता है।
इस बार करीब दो लाख रुपये की विशेष पोशाक, स्वर्ण-रजत हिंडोला और चार सखियों की झांकी इस आयोजन को और भव्य बनाने जा रही है।
वृंदावन की गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक हरियाली तीज की तैयारियों का असर नजर आने लगा है। अब श्रद्धालुओं को उस पल का इंतजार है, जब ठाकुर बांकेबिहारी अपने विशेष श्रृंगार में हिंडोले पर विराजमान होकर दर्शन देंगे।
निष्कर्ष
हरियाली तीज पर ठाकुर बांकेबिहारी का विशेष श्रृंगार इस बार भी भक्तों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। करीब दो लाख रुपये की हरे रंग की मीनाकारी वाली पोशाक, स्वर्ण-रजत हिंडोला और ललिता, विशाखा, रंगदेवी व चित्रलेखा सखियों की झांकी इस आयोजन को खास बनाएगी। मंदिर प्रबंधन को इस अवसर पर करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

