नई दिल्ली: नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और सरकार की ओर से किए गए कथित वादों के पूरा नहीं होने के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में बड़े मार्च का ऐलान किया है। पार्टी के अनुसार, 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक विशाल मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में छात्रों, युवाओं और प्रभावित परिवारों के शामिल होने की अपील की गई है।
CJP ने यह फैसला 24 अगस्त को दोपहर 2 बजे आयोजित राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में लिए जाने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि 25 जुलाई को केंद्र सरकार की ओर से छात्रों और युवाओं से जो वादे किए गए थे, उनमें से कई अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
नीट विवाद और वादे पूरे न होने का मुद्दा
CJP के मुताबिक प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और आंदोलन के दौरान छात्रों व प्रदर्शनकारियों पर दर्ज कथित एफआईआर हैं। पार्टी का दावा है कि सरकार की ओर से इन मामलों में एफआईआर वापस लेने या रद्द करने तथा मृतक छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था।
पार्टी का आरोप है कि इन वादों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से अब 5 सितंबर को दिल्ली में मार्च निकालने का फैसला किया गया है। CJP ने इसे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया है।
हालांकि, मार्च को लेकर पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पीड़ित परिवार करेंगे मार्च की अगुवाई
CJP की ओर से कहा गया है कि इस बार आंदोलन की अगुवाई केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी। मृतक छात्रों के परिजन और कथित पुलिस बर्बरता से प्रभावित परिवार मार्च का नेतृत्व करेंगे।
पार्टी का कहना है कि प्रभावित परिवारों की भागीदारी से आंदोलन को सीधे उन लोगों की आवाज मिलेगी, जो इन विवादों से कथित तौर पर प्रभावित हुए हैं। CJP ने देशभर के छात्रों और युवाओं से मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है।

इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च
प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाने की बात कही गई है। स्थान को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली के केंद्रीय हिस्से में बड़े राजनीतिक या सामाजिक प्रदर्शनों के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। ऐसे में मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर प्रशासन की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
CJP ने हालांकि प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है और छात्रों तथा युवाओं से अनुशासन के साथ इसमें शामिल होने को कहा है।
सौरभ दास की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
इसी बीच CJP के प्रवक्ता सौरभ दास से जुड़े निजता के एक मामले ने भी ध्यान खींचा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके निवास स्थान से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत मित्रा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और गूगल को नोटिस जारी किया है।
दास की ओर से अदालत में फर्जी खबरों, कथित दुष्प्रचार और निजी जीवन में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही कथित आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग भी की गई है।
दास का कहना है कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजता के अधिकार से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि अदालत नागरिकों के निजता संबंधी अधिकारों की रक्षा करेगी।
उनके मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ की ओर से विवादित पोस्ट पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। अब अदालत के समक्ष मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई होनी है।
5 सितंबर के मार्च पर रहेगी नजर
CJP के ऐलान के बाद अब सभी की नजरें 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च पर हैं। एक तरफ पार्टी इसे नीट विवाद, छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित तौर पर अधूरे सरकारी वादों के खिलाफ बड़ा आंदोलन बता रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन के सामने राजधानी में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी।
मार्च में कितने लोग शामिल होते हैं और प्रशासन की ओर से क्या सुरक्षा व्यवस्था की जाती है, यह 5 सितंबर को स्पष्ट होगा। फिलहाल CJP ने छात्रों, युवाओं और प्रभावित परिवारों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
निष्कर्ष
CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान कर दिल्ली में एक नए विरोध प्रदर्शन की जमीन तैयार कर दी है। नीट परीक्षा विवाद, छात्रों पर दर्ज कथित एफआईआर और मृतक छात्रों के परिवारों को मुआवजे जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, प्रवक्ता सौरभ दास की निजता से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस भी इस पूरे घटनाक्रम को कानूनी मोर्चे से जोड़ता है। अब 5 सितंबर का मार्च इस पूरे विवाद में अगला बड़ा घटनाक्रम होगा।

