नेपाल में भीषण बाढ़ से हड़कंप, 105 भारतीय नागरिक लापता; CM योगी ने बॉर्डर के जिलों को किया अलर्ट
लखनऊ: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने हालात को चिंताजनक बना दिया है। बाढ़ के बीच बड़ी संख्या में पर्यटकों के लापता होने की सूचना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है। करीब 400 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी के बीच 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी लोगों की सकुशल वापसी की प्रार्थना की है।
नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की और अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
सीमावर्ती जिलों में बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विशेष रूप से महाराजगंज और कुशीनगर में तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। आशंका है कि नेपाल में आई बाढ़ का असर सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है। खासकर गंडक और नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
नेपाल में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 400 पर्यटकों के लापता होने की सूचना है। इनमें 105 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। इसके अलावा विदेशी और नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
कुशीनगर में प्रशासन ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कुशीनगर जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से हालात को लेकर पैनिक नहीं करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
प्रशासन की ओर से नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की नजर नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर बनी हुई है।

महाराजगंज में सायरन बजाकर ग्रामीणों को किया गया अलर्ट
नेपाल में बाढ़ के बाद महाराजगंज जिले में भी अलर्ट घोषित किया गया है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
SDRF और पुलिस टीमों ने सायरन बजाकर ग्रामीणों को सावधान किया। लोगों से अपील की गई है कि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाएं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों से जरूरत पड़ने पर पक्के मकानों की छत पर जाने की भी अपील की है। सोहगीबरवा क्षेत्र के शिकारपुर में भी ग्रामीणों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
बारिश और बाढ़ से होने वाले नुकसान पर भी CM योगी की नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल की स्थिति के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से होने वाले नुकसान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए।
सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ और बारिश से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने को भी कहा।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। वहीं, अत्यधिक बारिश के दौरान नदियों, तालाबों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। फिलहाल महाराजगंज और कुशीनगर में नदी के जलस्तर, ग्रामीण इलाकों और संभावित बाढ़ के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
निष्कर्ष
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारत, खासकर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी चिंता बढ़ा दी है। 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। महाराजगंज और कुशीनगर में SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन को सक्रिय किया गया है। अब सबसे बड़ी चिंता नेपाल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी और सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ के संभावित असर को रोकना है।

