आगरा/चेन्नई। तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में ट्रॉली बैग के भीतर मानव अवशेष मिलने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे एक कथित प्रेम त्रिकोण और हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। पुलिस ने इस मामले में माणिक उद्दीन लस्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ के मुताबिक, 38 वर्षीय हयातुन निशा और 22 वर्षीय माणिक के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध था। बाद में माणिक की पत्नी भगवती को इस रिश्ते की जानकारी हो गई, जिसके बाद विवाद बढ़ता गया।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बीच निशा की हत्या की साजिश रची गई। हत्या के बाद शव को कई हिस्सों में किया गया और उसके कुछ हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर रखा गया, जबकि धड़ समेत अन्य अवशेषों को लाल रंग के ट्रॉली बैग में भरकर ट्रेन में रखे जाने की बात सामने आई है।
ट्रेन में ट्रॉली बैग से मिला था मानव अवशेष
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस (12621) आगरा कैंट स्टेशन पहुंची। ट्रेन की जनरल बोगी में रखे एक ट्रॉली बैग से दुर्गंध आने पर यात्रियों को शक हुआ। इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी गई।
ट्रेन के आगरा कैंट पहुंचने के बाद जीआरपी ने बैग को कब्जे में लिया और उसके भीतर मिले मानव अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बैग में मानव शरीर के अलग-अलग हिस्से मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक, अवशेषों को पॉलिथीन में लपेटकर रखा गया था। जांच आगे बढ़ी तो यह मामला किसी सामान्य घटना के बजाय कथित हत्या का निकला।
पूछताछ में सामने आया प्रेम त्रिकोण
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि माणिक और निशा के बीच करीब छह महीने से कथित प्रेम संबंध था। बताया गया है कि निशा अपने पति से अलग रह रही थी।
जांच के अनुसार, माणिक की 21 वर्षीय पत्नी भगवती को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। पुलिस का कहना है कि बाद में तीनों के एक ही किराए के मकान में रहने के कारण परिस्थितियां और तनावपूर्ण हो गईं।
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बीच निशा को रास्ते से हटाने की कथित साजिश तैयार की गई।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को कई हिस्सों में किया गया। जांच में यह भी दावा सामने आया कि शरीर के कुछ हिस्सों को बड़े बर्तनों में रखा गया, जबकि अन्य हिस्सों को लाल रंग के ट्रॉली बैग में भर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव के अवशेषों को चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रख दिया था। उनका उद्देश्य कथित तौर पर शव के हिस्सों को दूसरी जगह ले जाकर पहचान और जांच से बचना था।
मामले में सामने आए विवरण के मुताबिक, शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी के साथ पकाने की भी बात जांच में सामने आई है। हालांकि इस तरह के सभी विवरणों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक प्रक्रिया के जरिए होना बाकी है।
350 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच
मानव अवशेष मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि ट्रॉली बैग ट्रेन में कहां और किसने रखा।
जांच के दौरान चेन्नई आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। पुलिस ने करीब 350 कैमरों की फुटेज की जांच की। इसी दौरान जांच एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों और आरोपियों तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दोनों आरोपी चेन्नई से निकलकर पूर्वोत्तर की ओर चले गए थे। जांच टीम ने उनका पीछा करते हुए उन्हें मणिपुर से गिरफ्तार किया।
चेन्नई लाकर की जा रही पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को चेन्नई लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार की गई थी।
जांच एजेंसियां कथित प्रेम संबंध के अलावा पैसों के लेन-देन, हत्या की वजह, शव को ठिकाने लगाने की योजना और दोनों आरोपियों की भूमिका से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एक बैग ने खोल दी पूरी कहानी
जिस ट्रॉली बैग को आरोपियों ने कथित तौर पर सबूत छिपाने और शव के अवशेषों को दूसरी जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल किया, वही आखिरकार पूरी जांच की अहम कड़ी बन गया। बैग से उठती दुर्गंध ने यात्रियों का ध्यान खींचा और सूचना पुलिस तक पहुंची।
इसके बाद आगरा कैंट से शुरू हुई जांच चेन्नई रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज तक पहुंची और अंततः पुलिस ने आरोपियों को मणिपुर से गिरफ्तार करने का दावा किया।
अब पुलिस के सामने इस मामले की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है—निशा की हत्या कब हुई, इसमें दोनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी, हत्या की योजना किसने बनाई और शव को ट्रेन तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया क्या थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
निष्कर्ष
तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मानव अवशेष मिलने से शुरू हुई जांच अब कथित प्रेम त्रिकोण और हत्या के मामले तक पहुंच गई है। पुलिस ने माणिक उद्दीन लस्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह कथित प्रेम संबंध और आपसी विवाद बताई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस हत्या की पूरी साजिश, पैसों के लेन-देन तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

