प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। प्रयागराज में आयोजित इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की अधिवक्ता कल्याण निधि को ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा की। इसके साथ ही हाईकोर्ट और जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं के लिए ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। अगर लोगों को यह भरोसा रहे कि उन्हें बिना भेदभाव समय पर न्याय मिलेगा, तो लोकतंत्र और मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि मजबूत बार और बेंच के समन्वय से ही न्याय व्यवस्था का रथ आगे बढ़ सकता है।
अधिवक्ताओं को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज का तोहफा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि अब ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाएगी।
इस फैसले को अधिवक्ता समुदाय के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से वकालत से जुड़े लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण रहा है।
योगी ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण से संबंधित हाईकोर्ट की ओर से जो भी प्रस्ताव राज्य सरकार के सामने आएगा, सरकार उस पर पूरा सहयोग करेगी।

‘आम आदमी का अदालत पर विश्वास कायम रहना चाहिए’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में न्याय व्यवस्था में आम नागरिक के विश्वास को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें निर्दोष व्यक्ति को भय न हो, अपराधी बच न सके और हर नागरिक को बिना भेदभाव समय पर न्याय मिले।
उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से भी आग्रह किया कि वे केवल अपने व्यवसायिक हितों तक सीमित न रहें, बल्कि न्यायपालिका को मजबूत करने और आम जनता में न्याय के प्रति भरोसा बढ़ाने में भी योगदान दें।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अधिवक्ता समाज की भूमिका केवल अदालत में मुकदमे लड़ने तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र और संविधान की मजबूती में भी अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
400 राज्य विधि अधिकारियों को मिलेगा टैबलेट
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने न्याय व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराएगी।
टैबलेट के जरिए विधि अधिकारियों को सरकार से जुड़े मुकदमों और अदालतों में चल रहे मामलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे केस से संबंधित सूचनाओं तक पहुंच बेहतर होने और कामकाज में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रयागराज के अधिवक्ताओं और स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ता समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने मोतीलाल नेहरू और महामना मदन मोहन मालवीय जैसे प्रमुख नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज की धरती ने देश को अनेक ऐसे अधिवक्ता और विधिवेत्ता दिए, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माण से लेकर स्वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तक अधिवक्ता समाज की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है।
राजेंद्र प्रसाद की आस्था का भी किया उल्लेख
प्रयागराज की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र प्रसाद का प्रयागराज और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से गहरा जुड़ाव रहा।
उन्होंने कहा कि कुंभ और माघ मेले के दौरान राजेंद्र प्रसाद का प्रयागराज में रहना भारतीय विरासत और जनआस्था के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया है और इसके लिए कार्य शुरू हो चुका है।
बार और बेंच को बताया न्याय व्यवस्था के दो पहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बार और बेंच न्याय व्यवस्था के दो पहिए हैं। दोनों के बीच आपसी सम्मान, संवाद, शिष्टाचार और सहयोग बना रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए केवल कानून और संस्थागत व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं भी जरूरी हैं।
योगी ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों की स्थिति सुधारने, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं।
पुलिस प्रशिक्षण और कानून-व्यवस्था का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ी संख्या में पद खाली थे और प्रशिक्षण क्षमता भी सीमित थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई गई और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम किया गया। उनका कहना था कि जो पुलिसकर्मी लंबे समय तक ड्यूटी करते हैं, उनके लिए बेहतर आवासीय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने इसी संदर्भ में न्यायपालिका के लिए बेहतर आधारभूत ढांचे की जरूरत पर भी जोर दिया।
निष्कर्ष
प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। अधिवक्ता कल्याण निधि को ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने और कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐलान सबसे बड़ा फैसला रहा। इसके अलावा 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट देने की घोषणा न्याय व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बार और बेंच के बेहतर समन्वय को न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि आम आदमी का अदालत और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कायम रहना चाहिए। अब इन घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिवक्ता समुदाय और न्याय क्षेत्र की नजर रहेगी।

