दिल्ली/गुरुग्राम। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर शिवानी चौहान उर्फ सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके चचेरे भाई लवनीश बैंसला को भी मामले में गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट है। पुलिस ने वायरल फुटेज और जांच के आधार पर केस में हत्या के प्रयास से जुड़ी BNS की धारा 109 भी जोड़ी है।
हालांकि, सिया का कहना है कि केवल गिरफ्तारी उनके लिए पर्याप्त नहीं है। दिल्ली के कालकाजी स्थित घर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और दोष साबित होने पर आरोपितों को सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी के बाद यदि आरोपी बाहर आ जाते हैं तो उन्हें संतोष नहीं होगा।
मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया बयान
रिपोर्टों के मुताबिक, सिया ने गुरुग्राम में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने घटना के दौरान क्या हुआ, कार किस तरह उनकी बाइक के संपर्क में आई और घटना के बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी जांच एजेंसी के सामने रखी।
सिया ने यह भी बताया कि घटना में उन्हें चोटें आई हैं और मेडिको-लीगल जांच यानी MLC कराई गई है। कुछ चोटों के लिए एक्स-रे जांच की जरूरत भी बताई गई है।
सिया का कहना है कि पुलिस ने एफआईआर में हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा जोड़ी है, लेकिन उनका जोर आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।
‘कार में दो और लोग थे, उनकी भी जांच हो’
सिया ने दावा किया कि घटना के समय कार में कल्याण के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे। उन्होंने मांग की है कि उनकी भूमिका की भी जांच की जाए और यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो।
यह पहलू फिलहाल जांच का विषय है। किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत और जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
वकील ने कहा- जमानत का करेंगे विरोध
सिया के वकील अभिषेक चौहान ने कहा है कि यदि आरोपी जमानत के लिए अदालत का रुख करते हैं तो उनकी ओर से उसका विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक आरोपितों को रिहा नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, पुलिस के अनुसार कल्याण बैंसला घटना के बाद राजस्थान चला गया था और उसे दौसा से गिरफ्तार किया गया। लवनीश बैंसला को भी मामले में पकड़ा गया है। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों की जांच कर रही है।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला
यह पूरा मामला उस समय तेजी से चर्चा में आया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में कार और बाइक के बीच टक्कर का घटनाक्रम दिखाई देता है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और उपलब्ध फुटेज का विश्लेषण किया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने CCTV और उपलब्ध वीडियो फुटेज की समीक्षा के बाद केस में हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा जोड़ी।
सिया ने आरोप लगाया है कि कार सवार लोगों ने उन्हें परेशान किया और जानबूझकर उनकी बाइक की ओर कार मोड़ी। दूसरी ओर, आरोपी पक्ष की ओर से घटना को दुर्घटना बताया गया है और आरोप लगाया गया है कि बाइक सवारों के व्यवहार को लेकर विवाद हुआ था। इन परस्पर दावों की जांच पुलिस कर रही है।
सिया ने लोकप्रियता के आरोपों पर भी दिया जवाब
आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों की ओर से सिया पर घटना को सोशल मीडिया लोकप्रियता के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। सिया ने इन दावों को खारिज किया।
उन्होंने बताया कि वह 2022 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर दिल्ली नगर निगम का चुनाव लड़ चुकी हैं और इसी वजह से उन्हें पहले से भी लोग जानते हैं।
रविवार सुबह हुआ था पूरा घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, घटना रविवार सुबह गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर हुई। सिया अपनी स्पोर्ट्स बाइक से राइड कर रही थीं। इसी दौरान एक सफेद Maruti Suzuki Ciaz उनकी बाइक से टकरा गई।
सिया के मुताबिक, टक्कर के बाद कार मौके पर नहीं रुकी और वह आगे निकल गई। घटना की रिकॉर्डिंग बाइक राइडर्स के कैमरों में कैद हुई, जिसके बाद वीडियो सामने आने पर मामला व्यापक रूप से चर्चा में आया।
पुलिस ने पहले सड़क सुरक्षा और लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई।
अब आगे क्या?
इस मामले में अब पुलिस जांच के साथ-साथ अदालत की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। वहीं, सिया की ओर से सख्त कार्रवाई और अन्य कथित कार सवारों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

