गुरुग्राम: गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर सिया उर्फ शिवानी चौहान को कार से टक्कर मारने और कथित तौर पर उनका पीछा करने के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला और उसके साथ कार में मौजूद लवनीश को राजस्थान से गिरफ्तार करने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब घटना के पीछे की पूरी कड़ी, कार में मौजूद अन्य लोगों और टक्कर से पहले हुई घटनाओं की जांच कर रही है।
क्लब पार्टी से शुरू हुई कहानी? जांच में सामने आई नई कड़ी
मीडिया रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से बताया गया है कि घटना से पहले आरोपी अपने दोस्तों के साथ गुरुग्राम में पार्टी करने आए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, रातभर पार्टी के बाद वे सुबह कार से फरीदाबाद की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान गोल्फ कोर्स रोड पर उन्हें बाइक राइडर्स का एक ग्रुप दिखाई दिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला राइडर का पीछा क्यों किया गया और कार उनके इतने करीब कैसे पहुंची। पार्टी और नशे से संबंधित दावों को लेकर भी जांच जारी है; इन्हें फिलहाल जांच के दौरान सामने आई जानकारी के रूप में ही देखा जा रहा है।
महिला राइडर ने वीडियो पोस्ट कर सामने रखी थी पूरी घटना
यह मामला तब सामने आया जब सिया ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। बाइक पर लगे कैमरे में घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती FIR में BNS की धारा 125 और 281 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में सिया के बयान और उपलब्ध वीडियो/जांच सामग्री के आधार पर धारा 109 यानी हत्या के प्रयास, धारा 78 यानी पीछा करने/स्टॉकिंग और धारा 79 से संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए।
पुलिस का दावा—टक्कर जानबूझकर मारने की आशंका
जांच के दौरान पुलिस ने यह आशंका जताई है कि कार चालक ने बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी हो सकती है। पुलिस ने CCTV और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की है।
हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। आरोपी पक्ष की ओर से टक्कर को जानबूझकर किए जाने से इनकार किया गया है और घटना को लेकर अलग दावा किया गया है। इसलिए इस मामले में सामने आ रहे आरोपों और पुलिस की जांच को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
दो दिन की पुलिस रिमांड, क्राइम सीन का री-क्रिएशन
बुधवार को गुरुग्राम की अदालत ने कल्याण बैंसला और लवनीश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने अदालत से रिमांड लेकर घटना का सीन दोबारा समझने और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस आरोपियों को गोल्फ कोर्स रोड पर उन स्थानों पर भी ले गई, जहां घटना से पहले कथित रूप से पीछा किया गया और जहां टक्कर हुई थी। इसका उद्देश्य घटनाक्रम की टाइमलाइन और आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करना है।

कार में और कौन था? पुलिस की जांच जारी
इस मामले में अब एक और अहम सवाल कार में मौजूद अन्य लोगों को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय कार में कौन-कौन मौजूद था और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।
कुछ रिपोर्टों में दो अन्य युवकों के बारे में भी पुलिस जांच का उल्लेख है। उनकी पहचान और कथित भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
पांच सदस्यीय SIT ने संभाली जांच
गुरुग्राम पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की है। पुलिस के मुताबिक, टीम घटना के मकसद, कथित पीछा करने और बाइक को टक्कर मारने की परिस्थितियों की जांच करेगी।
SIT में सेक्टर-56 थाना पुलिस, जांच अधिकारी और क्राइम ब्रांच से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अदालत के सामने मजबूत चार्जशीट पेश करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
गिरफ्तारी से लेकर रिमांड तक—अब तक क्या हुआ?
13 सितंबर: गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर सिया के साथ कथित तौर पर पीछा करने और कार से टक्कर की घटना हुई।
14 सितंबर: सिया ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद मामला व्यापक रूप से सामने आया और पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया।
15 सितंबर: पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके साथ मौजूद लवनीश को राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
16 सितंबर: दोनों आरोपियों को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल की जांच और क्राइम सीन री-क्रिएशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
17 सितंबर: पांच सदस्यीय SIT की जांच सामने आई और पुलिस ने घटना में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच जारी रखी।
निष्कर्ष
गुरुग्राम का यह मामला अब सिर्फ एक सड़क दुर्घटना की जांच तक सीमित नहीं है। पुलिस कथित पीछा करने, महिला राइडर के साथ व्यवहार, टक्कर की परिस्थितियों और कार में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड के बाद अब जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। SIT की जांच और पुलिस रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारी से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गोल्फ कोर्स रोड पर उस सुबह वास्तव में घटनाक्रम किस क्रम में हुआ था।

