AI Impact Summit LIVE: में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत मंडपम से दुनिया को बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र बन चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मानव कल्याण के लिए दिशा देना हमारी प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने एआई के अवसरों के साथ-साथ इसके संभावित खतरों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने डीपफेक और मनगढ़ंत सामग्री को खुले समाजों के लिए चुनौती बताया और ‘MANAV Vision’ की अवधारणा साझा की।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi, French President Emmanuel Macron, Brazilian President Luiz Inácio Lula da Silva, Bhutan Prime Minister Tshering Tobgay, Crown Prince of Abu Dhabi HH Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan, President of Sri Lanka, Anura Kumara… pic.twitter.com/HkJjdptdCH
— ANI (@ANI) February 19, 2026
AI Impact Summit LIVE: पीएम मोदी का वैश्विक संदेश
AI Impact Summit LIVE के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एआई इतिहास का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी दौर लेकर आया है। उनके शब्दों में, “असली सवाल यह नहीं है कि एआई भविष्य में क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि हम वर्तमान में एआई का उपयोग कैसे करते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीकों को तेजी से विकसित करता है और उन्हें बड़े पैमाने पर अपनाता भी है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि:
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एआई को लोकतांत्रिक बनाना होगा
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मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट बनकर न रह जाए
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नैतिकता और जवाबदेही एआई की मूल शर्त हो
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राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान जरूरी है
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई का विकास वैश्विक साझा हित के रूप में होना चाहिए।

AI Impact Summit LIVE में डीपफेक पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत सामग्री और फर्जी वीडियो खुले समाजों में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
उनके अनुसार, एआई को “खुली छूट” दी जानी चाहिए, लेकिन इसकी बागडोर मानव नियंत्रण में रहनी चाहिए।
उन्होंने ‘MANAV Vision’ का जिक्र करते हुए कहा कि एआई का अंतिम लक्ष्य “सभी का कल्याण और खुशी” होना चाहिए।
इससे पहले भी तकनीकी नीति से जुड़े मुद्दों पर भारत सरकार ने डिजिटल सुरक्षा पर जोर दिया है।
(यहाँ LRN24.com की डिजिटल सुरक्षा पर प्रकाशित संबंधित खबर का लिंक)
वैश्विक नेताओं की मौजूदगी
Emmanuel Macron का ‘नमस्ते’
समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भारतीय परंपरा के अनुसार ‘नमस्ते’ कहकर अभिवादन किया। उन्होंने भारत की डिजिटल प्रगति और यूपीआई मॉडल की सराहना की।
#WATCH | Delhi | At the #IndiaAIImpactSummit2026, UN Secretary General António Guterres says, “Prime Minister Modi, thank you for your kind invitation and congratulations for India’s leadership in organising the first AI summit in the Global South. The meeting in India has… pic.twitter.com/Q5ARSzZOKe
— ANI (@ANI) February 19, 2026
Luiz Inácio Lula da Silva से मुलाकात
प्रधानमंत्री ने ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva से भी बातचीत की।
Sundar Pichai का संबोधन
गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने कहा कि भारत में परिवर्तन की गति अद्भुत है। उन्होंने विशाखापत्तनम में एआई हब स्थापित करने और बड़े निवेश की घोषणा का उल्लेख किया।
António Guterres का संदेश
संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने कहा कि एआई का भविष्य कुछ देशों या अरबपतियों के हाथों में नहीं छोड़ा जा सकता।
#WATCH | Delhi | At the #IndiaAIImpactSummit2026, UN Secretary General António Guterres says, “Prime Minister Modi, thank you for your kind invitation and congratulations for India’s leadership in organising the first AI summit in the Global South. The meeting in India has… pic.twitter.com/Q5ARSzZOKe
— ANI (@ANI) February 19, 2026
टाटा समूह और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर
Tata Group के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि समूह एआई-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है।
उन्होंने कहा कि 100 मेगावाट क्षमता से शुरुआत होगी, जिसे आगे एक गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है।
एआई नीति और डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल (https://www.indiaai.gov.in) का संदर्भ लिया जा सकता है।

AI Impact Summit LIVE: लोकतंत्रीकरण पर जोर
AI Impact Summit LIVE में प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का लोकतंत्रीकरण विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा:
“हमें एआई को ऐसा बनाना होगा जिससे समावेशन और सशक्तिकरण सुनिश्चित हो।”
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत एआई में भय नहीं, बल्कि भविष्य और अवसर देखता है।

निष्कर्ष: भारत का टेक नेतृत्व
AI Impact Summit LIVE ने स्पष्ट किया कि भारत केवल टेक्नोलॉजी उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक टेक नेतृत्व की भूमिका में है।
प्रधानमंत्री का संदेश साफ था— एआई का विकास मानव केंद्रित, नैतिक और समावेशी होना चाहिए।
भारत का बढ़ता टेक टैलेंट पूल, वैश्विक निवेश और नीति आधारित दृष्टिकोण एआई के भविष्य में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

