प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे ने वैश्विक राजनीति और भारत-यूरोप संबंधों को नई दिशा देने के संकेत दिए हैं। द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों को लेकर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज मानवता कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट जैसी समस्याओं से जूझ रही है और अगर हालात नहीं बदले तो दुनिया की बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस सकती है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यह दशक दुनिया के लिए “आपदाओं का दशक” बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दशकों में गरीबी हटाने और विकास के लिए जो काम हुआ, मौजूदा संकट उस प्रगति को पीछे धकेल सकता है।
भारतीय समुदाय के बीच भावुक दिखे मोदी
द हेग में आयोजित भारतीय समुदाय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा कि वहां का माहौल देखकर उन्हें ऐसा लगा जैसे वे भारत के किसी उत्सव में शामिल हों।
उन्होंने कहा,
“इतना प्यार और उत्साह देखकर मैं एक पल के लिए भूल गया कि मैं नीदरलैंड में हूं। ऐसा लगा जैसे मैं भारत के किसी त्योहार में हूं।”
पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भारत और नीदरलैंड के बीच मजबूत भरोसे का पुल बताया। उन्होंने कहा कि डच नेतृत्व हमेशा भारतीय समुदाय की मेहनत और योगदान की तारीफ करता है।
नीदरलैंड बनेगा भारत का यूरोपीय गेटवे
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय बिजनेस के लिए नीदरलैंड यूरोप में एंट्री का नैचुरल गेटवे बनने जा रहा है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को ट्यूलिप और कमल के उदाहरण से समझाया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह ट्यूलिप नीदरलैंड की पहचान है और कमल भारत की, उसी तरह दोनों देशों की साझेदारी भी मजबूती और सुंदरता का प्रतीक है। मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड कृषि, जल प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि 12 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि अब उनकी संख्या 2 लाख से ज्यादा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। AI, सेमीकंडक्टर और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
UPI और डिजिटल इंडिया की ताकत दिखाई
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में एक साल में 20 बिलियन से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन हुए हैं और दुनिया के आधे से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति दुनिया के लिए मिसाल बन चुकी है। गांवों तक इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट की पहुंच ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दी है।
“अब चिप भी मेड इन इंडिया होगी”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है और इनमें से 2 में प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा,
“अब चिप भी डिजाइन इन इंडिया और मेड इन इंडिया होगी।”
दरअसल, भारत इस समय चिप मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इंडस्ट्री में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यही वजह है कि नीदरलैंड की टेक कंपनियों के साथ साझेदारी को काफी अहम माना जा रहा है।
16 मई 2014 को बताया ऐतिहासिक दिन
अपने भाषण में पीएम मोदी ने 16 मई 2014 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन भारत में दशकों बाद पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनी थी।
उन्होंने कहा,
“करोड़ों भारतवासियों का भरोसा मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।”
मोदी ने कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब लोगों के सपने पूरे होते हैं और भारत आज उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
चोल काल की ऐतिहासिक धरोहर भारत लौटी
इस दौरे की एक और बड़ी उपलब्धि रही 11वीं सदी की ऐतिहासिक ‘अनाइमंगलम कॉपर प्लेट्स’ की भारत वापसी। नीदरलैंड ने औपनिवेशिक काल में भारत से ले जाई गई इन तांबे की पट्टिकाओं को लौटाने का फैसला किया है।
इतिहासकारों के अनुसार, ये पट्टिकाएं चोल साम्राज्य के समुद्री व्यापार, संस्कृति और धार्मिक सहअस्तित्व की अहम जानकारी देती हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नीदरलैंड दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं बल्कि भारत की वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। द हेग में दिए गए उनके संदेश ने साफ कर दिया कि भारत अब दुनिया के सामने सिर्फ आर्थिक ताकत के रूप में नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक साझेदारी के केंद्र के रूप में उभर रहा है। कोरोना, युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दुनिया को सहयोग और विकास का नया मॉडल दिखाने की कोशिश की है।

