Pune Businessman News: पुणे के एक 46 वर्षीय कारोबारी की कथित गुप्त विदेश यात्रा का मामला उस समय पुलिस तक पहुंच गया, जब मुंबई एयरपोर्ट से उसके संपर्क में नहीं रहने के बाद पत्नी ने उसके अपहरण की FIR दर्ज करा दी। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी ने पत्नी से कथित तौर पर कहा था कि वह बिजनेस के सिलसिले में कुआलालंपुर जा रहा है। हालांकि, पुलिस के अनुसार, वह एक महिला दोस्त के साथ यात्रा करने वाला था। मुंबई एयरपोर्ट पर महिला के पासपोर्ट से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद पूरा मामला बदल गया।
कुआलालंपुर जाने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, कारोबारी 14 सितंबर को कुआलालंपुर जाने की योजना बना रहा था। घर पर उसने इस यात्रा को कारोबारी काम से जुड़ा बताया था। लेकिन एयरपोर्ट पर उसके साथ मौजूद महिला को इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले खोया हुआ घोषित किया जा चुका था और वह पुराना पासपोर्ट था। इस वजह से उसकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। पुलिस के मुताबिक, इसी स्थिति के बाद कारोबारी ने भी अपनी यात्रा रद्द कर दी।
एयरपोर्ट से निकला और फोन बंद कर दिया
महिला को इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद कारोबारी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और महिला के साथ मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) चला गया।
पुलिस के अनुसार, एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने लैंडलाइन फोन से अपनी पत्नी से संपर्क किया। उसने पत्नी को बताया कि इमिग्रेशन से जुड़ी समस्या के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है। इसी जानकारी के आधार पर पत्नी को लगा कि उसके पति किसी गंभीर परेशानी में फंस गए हैं।

अगले दिन WhatsApp कॉल, फिर संपर्क हुआ बंद
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अगले दिन कारोबारी ने अपनी पत्नी से WhatsApp वीडियो कॉल पर थोड़ी देर बातचीत भी की। इस दौरान उसने इमिग्रेशन संबंधी वही बात दोहराई।
इसके बाद उसका फोन फिर से पहुंच से बाहर हो गया। काफी समय तक संपर्क नहीं होने पर पत्नी की चिंता बढ़ गई। बुधवार को उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
FIR की जानकारी मिलते ही थाने पहुंचा कारोबारी
मामले में नया मोड़ तब आया जब कारोबारी को पता चला कि उसकी पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, बुधवार रात वह खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंच गया। यह थाना मुंबई के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जुड़े मामलों का क्षेत्र देखता है।
पुलिस पूछताछ के दौरान कारोबारी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पत्नी को इमिग्रेशन समस्या के बारे में जो कहानी बताई थी, वह वास्तविक नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, उसका उद्देश्य अपनी यात्रा और उसके साथ मौजूद महिला के बारे में जानकारी छिपाना था।
असल में क्यों गढ़ी गई इमिग्रेशन वाली कहानी?
पुलिस अधिकारी के अनुसार, महिला के पासपोर्ट से जुड़ी परेशानी के बाद कारोबारी को यह आशंका हुई कि अगर पत्नी को उसके साथ मौजूद महिला के बारे में पता चला तो स्थिति और जटिल हो सकती है। इसी वजह से उसने कथित तौर पर इमिग्रेशन समस्या और फोन जमा कराने की बात कही।
हालांकि, यह पूरा विवरण पुलिस जांच में सामने आए कथित तथ्यों पर आधारित है। कारोबारी की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर अलग सार्वजनिक बयान सामने आने की जानकारी रिपोर्टों में नहीं दी गई है। इसलिए घटना के व्यक्तिगत पहलुओं को पुलिस के कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस अब दाखिल करेगी C Summary रिपोर्ट
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अदालत के सामने ‘C Summary’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक यह वर्गीकरण ऐसे मामलों में इस्तेमाल किया जाता है जहां मामला वास्तविक तथ्यों की गलतफहमी के कारण दर्ज हुआ हो या जांच के बाद मामला पूरी तरह सच या पूरी तरह झूठ की श्रेणी में न आता हो।
पुलिस ने संकेत दिया है कि करीब दो सप्ताह के भीतर अदालत में यह रिपोर्ट दाखिल की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल मामला अपहरण की घटना के रूप में आगे बढ़ने के बजाय पुलिस की जांच के बाद बंद किए जाने की दिशा में है।
एक झूठ ने कैसे बदल दिया पूरा मामला?
इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि एक कथित झूठी जानकारी ने कुछ समय के लिए पूरे मामले को अपहरण की दिशा में पहुंचा दिया। पत्नी को जब पति का फोन बंद मिला और उसकी बताई इमिग्रेशन वाली कहानी के बाद संपर्क पूरी तरह टूट गया, तो उसने पुलिस की मदद ली।
इसके बाद जब कारोबारी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को कथित तौर पर वास्तविक घटनाक्रम बताया, तो मामले की दिशा बदल गई। पुलिस अब इसे अपहरण की घटना के तौर पर आगे बढ़ाने के बजाय क्लोजर रिपोर्ट के जरिए अदालत के समक्ष रखने की तैयारी में है।
यह मामला यह भी दिखाता है कि किसी व्यक्ति के अचानक संपर्क से बाहर होने और उसके बारे में अस्पष्ट जानकारी मिलने पर परिवार किस तरह पुलिस से मदद लेने को मजबूर हो सकता है। यहां पत्नी की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हुई, लेकिन बाद में कारोबारी के सामने आने और पुलिस को कथित रूप से पूरी कहानी बताने के बाद घटनाक्रम अलग दिशा में चला गया।
निष्कर्ष:
पुणे के कारोबारी की कथित गुप्त मलेशिया यात्रा का मामला मुंबई एयरपोर्ट पर महिला के पासपोर्ट से जुड़ी समस्या के बाद उलझ गया। पुलिस के अनुसार, यात्रा रद्द होने के बाद कारोबारी ने पत्नी को इमिग्रेशन समस्या और फोन जमा कराने की बात बताई, फिर संपर्क से बाहर हो गया। पत्नी ने अपहरण की FIR दर्ज कराई। बाद में कारोबारी खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा और कथित तौर पर इमिग्रेशन वाली कहानी गढ़ने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक अब मामले में ‘C Summary’ क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाएगी।

