RAJAT KUMAR R.K.
Founder & Editor-in-Chief
LRN 24 — Live Real News 24
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आगरा। शहर के रामबाग क्षेत्र से जुड़ी ट्रांस यमुना कॉलोनी में आवागमन की समस्या अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ‘रॉयल अंडरपास’ पर आए दिन लगने वाले लंबे जाम ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात यह हैं कि पीक आवर्स में लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
सबसे बड़ा सवाल अब आपातकालीन सेवाओं को लेकर उठ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जाम के बीच किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस जाए और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए, तो ऐसी स्थिति में जवाबदेही किसकी होगी?
इसी चिंता को लेकर ट्रांस यमुना कॉलोनी के लोगों ने एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। नागरिकों की मांग है कि विधायक स्वयं रॉयल अंडरपास का निरीक्षण करें और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर संयुक्त निरीक्षण कराकर समस्या का स्थायी समाधान निकालें।
रॉयल अंडरपास पर रोजाना क्यों बिगड़ रही स्थिति?
स्थानीय लोगों के अनुसार रामबाग से लेकर 100 फुटा रोड तक का यह मार्ग ट्रांस यमुना क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फेज-1 और फेज-2 समेत आसपास की बड़ी आबादी रोजाना इसी मार्ग से आवागमन करती है।
सुबह के समय स्कूल, कार्यालय और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं। शाम को वापसी के समय भी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इसी दौरान अंडरपास के आसपास यातायात व्यवस्था बिगड़ने से लंबा जाम लगने की शिकायत सामने आती है।
नागरिकों का कहना है कि सड़क की सीमित चौड़ाई और वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण एक छोटी सी रुकावट भी तेजी से बड़े जाम में बदल जाती है।

अतिक्रमण और अव्यवस्थित ऑटो स्टैंड पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने रॉयल अंडरपास के आसपास कथित अतिक्रमण और अव्यवस्थित ऑटो संचालन को भी जाम की प्रमुख वजह बताया है।
लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे ठेले, खोखे और अन्य अस्थायी दुकानें होने के कारण वाहनों के लिए उपलब्ध सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। इसके अलावा ऑटो के अनियमित खड़े होने से भी यातायात का प्रवाह प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन मौके का सर्वे कराकर यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करे और ऑटो के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित किया जाए।
‘एंबुलेंस फंसी तो कौन होगा जिम्मेदार?’
इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू आपातकालीन वाहनों की आवाजाही है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि रॉयल अंडरपास पर यदि भीषण जाम के दौरान एंबुलेंस फंसती है तो उसे रास्ता कौन उपलब्ध कराएगा? गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचने में देरी होने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी?
निवासियों का कहना है कि यह केवल यातायात की समस्या नहीं है। यह सीधे तौर पर आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ा विषय है।
हालांकि, किसी मरीज की जान जाने या किसी विशेष एंबुलेंस के समय पर अस्पताल न पहुंच पाने की घटना की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए। फिलहाल स्थानीय लोग इस संभावित खतरे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

मेट्रो निर्माण से भी बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों ने रॉयल अंडरपास के आसपास चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य को भी यातायात की समस्या से जोड़ते हुए चिंता जताई है।
निवासियों के अनुसार निर्माण कार्य के कारण एक ओर की सर्विस रोड प्रभावित हुई है, जबकि दूसरी ओर मौजूद डिवाइडरों के कारण वाहनों के लिए उपलब्ध स्थान और सीमित हो गया है।
ऐसे में मुख्य सड़क पर बढ़ता वाहन दबाव, संकरी जगह और निर्माण कार्य से जुड़ी बाधाओं के कारण जाम की स्थिति और गंभीर होने की बात कही जा रही है।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि निर्माण एजेंसी, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करें और निर्माण अवधि के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्लान तैयार करें।
अंडरपास के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी उठे सवाल
नागरिकों ने अंडरपास की मौजूदा स्थिति और उसके सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर की तकनीकी जांच की भी मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास के सड़क मार्ग, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का संबंधित तकनीकी विभागों से निरीक्षण कराया जाना चाहिए।
यदि कहीं मरम्मत या सुधार की आवश्यकता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि केवल ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और यातायात प्रबंधन दोनों स्तरों पर काम करना होगा।
विधायक धर्मपाल सिंह से करबद्ध प्रार्थना
ट्रांस यमुना कॉलोनी के निवासियों ने एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह को भेजे संदेश में उनसे व्यक्तिगत रूप से मौके का निरीक्षण करने की अपील की है।
नागरिकों की मांग है कि विधायक की मौजूदगी में मौके पर ही NHAI, नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA), आवास विकास, आगरा ट्रैफिक पुलिस और संबंधित निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर संयुक्त निरीक्षण कराया जाए।
लोगों का मानना है कि सभी विभागों के अधिकारी एक साथ मौके की वास्तविक स्थिति देखेंगे तो समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिम्मेदारियां तय करना आसान होगा।

स्थायी ट्रैफिक पुलिस पिकेट की मांग
स्थानीय निवासियों ने रॉयल अंडरपास के नीचे स्थायी ट्रैफिक पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग भी की है।
इसके साथ ही सुबह और शाम के पीक आवर्स में पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की गई है, ताकि यातायात को नियंत्रित किया जा सके और सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग, ऑटो संचालन या अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
नागरिकों का कहना है कि पुलिस की नियमित मौजूदगी से एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिलाने में भी मदद मिल सकती है।
सिर्फ जाम हटाना नहीं, स्थायी समाधान की मांग
ट्रांस यमुना कॉलोनी के लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल कभी-कभार जाम हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
लोग चाहते हैं कि वाहनों की आवाजाही के लिए स्पष्ट व्यवस्था हो, ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड हो, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण हो और निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही अंडरपास की तकनीकी स्थिति की जांच और आवश्यक सुधार कार्य भी कराया जाए।

अब प्रशासन की ओर टिकी निगाहें
रॉयल अंडरपास की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत अब सीधे प्रशासनिक कार्रवाई की मांग में बदल चुकी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रोजाना लगने वाला जाम केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में गंभीर समस्या बन सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करेंगे? क्या अतिक्रमण और अव्यवस्थित यातायात के खिलाफ कार्रवाई होगी? क्या पीक आवर्स में स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या एंबुलेंस के लिए ऐसा रास्ता सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में अनावश्यक देरी न हो?
ट्रांस यमुना कॉलोनी के लोग अब इन्हीं सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
निष्कर्ष
रॉयल अंडरपास का जाम अब ट्रांस यमुना कॉलोनी के लिए सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी गंभीर चिंता बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने अतिक्रमण, कथित अव्यवस्थित ऑटो स्टैंड, संकरी सड़क और निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं।
सबसे बड़ी चिंता एंबुलेंस की आवाजाही को लेकर है। यदि किसी गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में जाम बाधा बनता है, तो यह व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़ा करेगा।
क्षेत्रवासियों ने विधायक धर्मपाल सिंह से मौके पर संयुक्त निरीक्षण कराने और स्थायी ट्रैफिक पुलिस पिकेट की व्यवस्था कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि इस जनसमस्या पर प्रशासन और संबंधित विभाग कब ठोस कदम उठाते हैं।

