लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती के मौके पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो 16 अगस्त को वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित की जाएगी।
अखिलेश यादव ने यह ऐलान लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती के कार्यक्रम के दौरान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में रानी लक्ष्मीबाई के साथ वीरांगना अवंती बाई लोधी के योगदान को भी याद किया जाना चाहिए।
16 अगस्त को छुट्टी का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन 16 अगस्त को भी सरकारी छुट्टी होगी। यह छुट्टी वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती के सम्मान में घोषित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट पर वीरांगना अवंती बाई लोधी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अखिलेश के मुताबिक प्रतिमा में उनके हाथ में सोने की तलवार होगी।
इस घोषणा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लोधी समाज को साधने की सपा की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अखिलेश बोले- 2027 का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है और पार्टी को एक-एक वोट जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने पीडीए के जरिए विभिन्न सामाजिक समूहों को साथ जोड़ने की बात कही। अखिलेश ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी देने के लिए काम करेगी।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और जनता अब उसके कामकाज को देख रही है।

‘वंदे मातरम’ विवाद पर भी बोले अखिलेश
कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद पर भी अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जिससे भाजपा को राजनीतिक फायदा मिले।
अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास अन्य मुद्दों पर बात करने के बजाय विवाद खड़ा करने का रास्ता बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास अगर अच्छे काम होते तो वह संविधान और दूसरे मुद्दों पर विवाद खड़ा करने के बजाय अपने काम की चर्चा करती।
भाजपा पर लगाए कई गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर किसानों और शिक्षा समेत कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कन्नौज, फर्रुखाबाद और मैनपुरी समेत कई इलाकों के किसानों की समस्याओं का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने स्कूलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार विकास और पर्यावरण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। उन्होंने पेड़ लगाने के दावों और बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी हमला
अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे पर कई जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को जमीनी स्तर पर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
जातीय जनगणना का भी किया वादा
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो सरकार बनने के तीन महीने के भीतर जातीय जनगणना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को उनके अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन किया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसी राजनीतिक आधार को आगे बढ़ाने की अपील की।
लोधी समाज को लेकर दिया बड़ा संदेश
अखिलेश यादव ने लोधी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन्हें सम्मान और राजनीतिक स्थान देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में सांसद आरके चौधरी, पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
अखिलेश यादव ने वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती के मौके पर 16 अगस्त को सरकारी छुट्टी घोषित करने का ऐलान कर यूपी की राजनीति में नया मुद्दा जोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने वंदे मातरम विवाद, जातीय जनगणना, किसानों और विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा सपा की चुनावी रणनीति को कितना फायदा पहुंचाता है।

