नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ निर्देश दिए हैं कि भारत की सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 15 किलोमीटर दायरे में बने अवैध निर्माणों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। गृह मंत्रालय ने इसे “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस प्रशासन को विशेष जिम्मेदारियां सौंपते हुए सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।
15 किलोमीटर दायरे में चलेगा अभियान
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों से कहा है कि सीमा के अंदर 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए। इसमें अवैध मकान, गोदाम, संदिग्ध व्यावसायिक निर्माण और ऐसे ढांचे शामिल होंगे जिनका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में होने की आशंका है।
केंद्र सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तेजी से अवैध निर्माण बढ़े हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी, अवैध घुसपैठ और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से अब सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने को कहा गया है।
सीमावर्ती जिलों के डीएम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीमा क्षेत्रों में होने वाले वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों की गहराई से जांच करें।
डीएम को कहा गया है कि वे:
- सीमा क्षेत्र के बैंकों में होने वाले लेन-देन की निगरानी करें
- फर्जी कंपनियों और म्यूल अकाउंट्स की पहचान करें
- बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की फंडिंग की जांच करें
- फर्जी आधार कार्ड और संदिग्ध दस्तावेजों की पहचान करें
- सीमा पार से होने वाली तस्करी और अवैध नेटवर्क पर रोक लगाएं
सरकार का मानना है कि सीमावर्ती जिलों में अपराध और अवैध गतिविधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।

बीकानेर में अमित शाह की हाई लेवल बैठक
मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े जिलों की सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सीमावर्ती जिलों के डीएम, एसपी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जैसे संवेदनशील जिलों की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। अमित शाह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“360 डिग्री सिक्योरिटी कवर” पर जोर
गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में “360 डिग्री सिक्योरिटी कवर” तैयार करने की रणनीति पर काम शुरू किया है। इसका उद्देश्य सिर्फ सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रग्स तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध गतिविधियों को जड़ से खत्म करना है।
अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर सीमावर्ती क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए। उन्होंने खास तौर पर ड्रग्स नेटवर्क और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
भारत की सीमाएं और सुरक्षा चुनौती
भारत की जमीनी सीमाएं पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और अफगानिस्तान सहित कई देशों से जुड़ी हैं। इसके अलावा भारत की विशाल तटरेखा श्रीलंका और मालदीव के समुद्री क्षेत्रों से भी जुड़ती है।
करीब 15,000 किलोमीटर लंबी जमीनी सीमा और 7,500 किलोमीटर से ज्यादा तटरेखा की सुरक्षा देश के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को लेकर अब और ज्यादा सतर्क नजर आ रही है।
राजनीतिक और सुरक्षा नजरिए से अहम फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ सुरक्षा नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और सीमा प्रबंधन को लेकर सख्त संदेश देने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में सीमावर्ती राज्यों में बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई अभियान देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष:
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 15 किलोमीटर दायरे में अवैध निर्माण हटाने का केंद्र सरकार का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह के सख्त निर्देशों के बाद सीमावर्ती जिलों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। आने वाले दिनों में सीमा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई और निगरानी बढ़ने की संभावना है।

