बकरीद से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क
राजधानी दिल्ली: में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए पैरामिलिट्री फोर्स की 60 कंपनियों को तैनात कर दिया है। त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए फ्लैग मार्च, नाइट पेट्रोलिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राजधानी में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई गई है और हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
फ्लैग मार्च से लोगों में बढ़ा सुरक्षा का एहसास
बकरीद से पहले दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला। जामा मस्जिद, रोहिणी, प्रेम नगर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, द्वारका और बाहरी दिल्ली जैसे इलाकों में सुरक्षाबलों की मौजूदगी साफ दिखाई दी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि फ्लैग मार्च का मकसद लोगों में विश्वास पैदा करना और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देना है। अधिकारियों ने साफ किया कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
60 कंपनियों की तैनाती से मजबूत हुआ सुरक्षा घेरा
दिल्ली में पहले भारत-अफ्रीका फोरम समिट के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां बुलाई गई थीं, लेकिन समिट रद्द होने के बाद इन जवानों को राजधानी के अलग-अलग जिलों में तैनात कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक धार्मिक रूप से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल भेजा गया है। हर जिले में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पैरामिलिट्री जवान गश्त कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजार और धार्मिक स्थलों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
दिल्ली पुलिस की साइबर और स्पेशल ब्रांच टीमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी कर रही हैं। अफवाह फैलाने वाले पोस्ट, सांप्रदायिक टिप्पणियां और भड़काऊ कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को शेयर न करें और अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अमन कमिटी और धार्मिक नेताओं के साथ बैठकें
बकरीद के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने अमन कमिटी, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (MWA) के साथ कई दौर की बैठकें की हैं।
इन बैठकों में दोनों समुदायों के सम्मानित लोगों, धार्मिक नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों को बुलाया गया। पुलिस ने उनसे सहयोग की अपील करते हुए कहा कि त्योहार शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाया जाए।
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ी
जामा मस्जिद समेत कई बड़े धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में क्विक रिएक्शन टीम (QRT) भी तैनात की है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
त्योहार के दौरान ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की तैयारी
बकरीद के दिन राजधानी में बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भी विशेष योजना तैयार की है।
मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी की गई है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुलिस की जनता से अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार खुशियों और सद्भाव का प्रतीक है, इसलिए किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश से दूर रहें।
पुलिस का कहना है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
निष्कर्ष:
बकरीद को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पैरामिलिट्री फोर्स की 60 कंपनियों की तैनाती, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से साफ है कि प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश है कि राजधानी में त्योहार शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो।

