बेतिया। पश्चिमी चंपारण जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया। NH-727 पर बसवरिया और पराउटोला के बीच तेज रफ्तार बस सड़क किनारे ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों की भीड़ में जा घुसी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का काम शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी।
छठिहार समारोह के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र दुबे के घर पर शुक्रवार को छठिहार समारोह आयोजित किया गया था। उनका मकान NH-727 के किनारे स्थित है। समारोह में लोगों के मनोरंजन के लिए घर के बाहर ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए थे। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर ऑर्केस्ट्रा देख रहे थे। इसी दौरान लौरिया की तरफ से बेतिया की ओर जा रही एक शाही बस अचानक अनियंत्रित होकर भीड़ की तरफ बढ़ गई।
कुछ ही सेकंड में बस ने सड़क किनारे खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरातफरी मच गई।
तेज रफ्तार बस ने मचाई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय बेतिया की ओर से एक गैस सिलेंडर लदा ट्रक भी आ रहा था। दूसरी तरफ लौरिया की ओर से शाही बस बेतिया की दिशा में जा रही थी।
बताया जा रहा है कि बस की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान बस चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क किनारे जमा लोगों की भीड़ में जा घुसी।
प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार को हादसे की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

मौके पर दो लोगों ने तोड़ा दम
बस की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दो लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
इलाज के दौरान तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
वहीं, पांच अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पांच मृतकों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान संजय महतो, भोला दुबे, बहादुर महतो, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में हुई है।
घटना की जानकारी परिवार के लोगों तक पहुंचते ही घरों में कोहराम मच गया। जिस समारोह में परिवार और आसपास के लोग खुशी में शामिल हुए थे, वहीं कुछ देर बाद मातम पसर गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद काफी देर तक मौके पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही। लोगों ने घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बस अचानक अनियंत्रित क्यों हुई।
जांच में बस की रफ्तार, सड़क की स्थिति, चालक की भूमिका और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है। फिलहाल शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया जा रहा है, लेकिन अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सड़क किनारे कार्यक्रमों पर भी उठे सवाल
इस हादसे ने सड़क किनारे आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और वहां जुटने वाली भीड़ की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। NH-727 जैसे व्यस्त मार्ग के किनारे बड़ी संख्या में लोगों का जमा होना दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आयोजनों के दौरान सड़क और कार्यक्रम स्थल के बीच पर्याप्त दूरी, बैरिकेडिंग तथा वाहनों की आवाजाही के लिए स्पष्ट सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।
हालांकि, इस मामले में कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी और हादसे के वक्त बस किस स्थिति में थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
खुशी का समारोह बदला मातम में
छठिहार समारोह में जहां परिवार और ग्रामीण खुशी के मौके पर जुटे थे, वहीं एक तेज रफ्तार बस ने कुछ ही पल में पूरे माहौल को बदल दिया। पांच परिवारों ने अपने लोगों को खो दिया और पांच अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
पुलिस अब हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। दुर्घटना की जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
पश्चिमी चंपारण के NH-727 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाता है। छठिहार समारोह में ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों के बीच अचानक तेज रफ्तार बस के घुसने से पांच लोगों की जान चली गई और पांच अन्य घायल हो गए।
मृतकों की पहचान हो चुकी है और घायलों का इलाज जारी है। पुलिस दुर्घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसा केवल तेज रफ्तार की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

