पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान से राज्य के विकास को लेकर बड़ा विजन पेश किया। मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार गांधी मैदान में तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने रोजगार, निवेश, उद्योग, बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान किए।
मुख्यमंत्री के भाषण में सबसे ज्यादा जोर युवाओं और महिलाओं पर दिखाई दिया। सरकार ने 2030 से पहले एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेजों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए 5,000 ‘पुलिस दीदियां’ तैनात करने की घोषणा भी चर्चा में रही।
2030 से पहले एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 से पहले एक करोड़ रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय निजी निवेश, उद्योगों और उत्पादन इकाइयों के विस्तार पर जोर देने की बात कही गई। सरकार का मानना है कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आने से नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
नवंबर तक पांच लाख करोड़ के निवेश का दावा
मुख्यमंत्री ने बिहार में नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का दावा किया। निवेश बढ़ाने के साथ सरकार का फोकस औद्योगिक गतिविधियों को गति देने पर है।
अगर बड़े निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं तो इससे उत्पादन, कारोबार और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि इस लक्ष्य की वास्तविक सफलता निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन और परियोजनाओं के समय पर शुरू होने पर निर्भर करेगी।
दिल्ली-NCR की तर्ज पर 12 टाउनशिप का प्लान
बिहार के शहरी विकास को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने दिल्ली-NCR की तर्ज पर राज्य में 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना का उल्लेख किया।
इन टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। सरकार की योजना इन्हें स्पेशल कॉरिडोर से जोड़ने और अलग-अलग शहरों में मेट्रो सेवा का विस्तार करने की है।
मुख्यमंत्री ने पटना से गया की दूरी को करीब 30 मिनट में तय करने का लक्ष्य भी सामने रखा। इससे सड़क और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की सरकार की महत्वाकांक्षा स्पष्ट होती है।

बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
बिहार में बिजली को लेकर भी सरकार ने आत्मनिर्भरता का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में लोगों को बिजली सब्सिडी दी जा रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर सरकार सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
सरकार अब कम लागत में बिजली उत्पादन बढ़ाने और ऊर्जा जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करने पर जोर देना चाहती है।
किसानों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की बात कही। उनके अनुसार किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है। साथ ही 60 लाख से ज्यादा किसानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने का दावा किया गया है।
स्कूल-कॉलेजों के बाहर तैनात होंगी 5000 ‘पुलिस दीदियां’
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा खास रही। सरकार ने 5,000 महिला पुलिसकर्मियों को ‘पुलिस दीदी’ के रूप में स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तैनात करने की योजना बताई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार इसकी शुरुआत रक्षाबंधन से की जाएगी। महिला पुलिसकर्मी स्कूटी के साथ शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद रहेंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो।
यह पहल खास तौर पर छात्राओं की सुरक्षा और उनके बीच पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गांवों में शुरू होगा ‘पंचायत दिवस’
ग्रामीण बिहार के लिए भी मुख्यमंत्री ने नई पहल का ऐलान किया। महीने के आखिरी रविवार को ‘पंचायत दिवस’ आयोजित करने की बात कही गई है।
इसके तहत गांवों में लोगों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को ग्रामीणों के और करीब लाना है।
25 चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य
बिहार में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार ने लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने 25 चीनी मिलें चालू करने की बात कही।
उनके अनुसार फिलहाल 10 चीनी मिलें चालू हैं, जबकि पांच मिलों पर काम चल रहा है। चीनी उद्योग के विस्तार से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवा रोजगार, निवेश, छात्राओं की सुरक्षा, बिजली, ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख मुद्दे रहे। एक करोड़ रोजगार और पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश जैसे बड़े लक्ष्यों के साथ सरकार ने बिहार को विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप सामने रखा है। अब इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

