Lucknow: में आयोजित ‘पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन’ के दौरान Chandrashekhar Azad ने अपने बयान से राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने मंच से कहा कि “कुछ लोगों को मुसलमानों का नाम लेने से करंट लगता है,” और साथ ही Mahatma Gandhi को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।
यह सम्मेलन Azad Samaj Party द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी शामिल हुए।
मुस्लिम मुद्दे पर बयान से सियासी हलचल
चंद्रशेखर ने अपने भाषण में कहा कि जैसे ही मुसलमानों का जिक्र किया जाता है, कुछ लोगों को “करंट” लगने लगता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर मुस्लिम समुदाय की समस्याओं का समाधान हो गया, तो कई लोगों की “राजनीतिक दुकान” बंद हो जाएगी।
उनका यह बयान सीधे तौर पर विपक्षी दलों और मौजूदा राजनीतिक विमर्श पर हमला माना जा रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
गांधी पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
अपने संबोधन के दौरान चंद्रशेखर ने महात्मा गांधी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि गांधी ने मुसलमानों को कुरान पर हाथ रखकर यह कसम दिलाई थी कि वे B. R. Ambedkar का साथ न दें।
हालांकि, इस दावे को लेकर ऐतिहासिक तथ्यों पर सवाल उठ रहे हैं और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

आरक्षण और पिछड़ा वर्ग के मुद्दे पर जोर
सम्मेलन में चंद्रशेखर और पार्टी नेताओं ने पिछड़े वर्गों के अधिकारों को लेकर कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि:
- लोकसभा और विधानसभा में पिछड़े वर्ग के लिए राजनीतिक आरक्षण लागू किया जाए
- जनसंख्या के अनुपात में 52% प्रतिनिधित्व दिया जाए
- 27% OBC आरक्षण को सभी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सख्ती से लागू किया जाए
पार्टी के प्रदेश सचिव अनिकेत ने भी कहा कि पिछड़े समाज के साथ लगातार अन्याय हो रहा है और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में 69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में पहुंचे। उन्होंने पोस्टर और बैनर के जरिए अपनी मांगों को उठाया और सरकार से न्याय की अपील की।
चंद्रशेखर ने इन अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए कहा कि वे उनके साथ धरने पर बैठे थे और सरकार को झुकने पर मजबूर किया।
प्राइवेट स्कूलों को दी चेतावनी
अपने भाषण में चंद्रशेखर ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो उन पर ताला लगाया जाएगा।
यह बयान शिक्षा व्यवस्था और निजी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक असर और आगे की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखर का यह बयान आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें वे पिछड़े और मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, उनके बयान से विवाद भी बढ़ सकता है, खासकर गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता पर टिप्पणी को लेकर।

