कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर CM योगी का सपा पर हमला, ‘P’ वाले बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कल्याण सिंह के राजनीतिक जीवन, राम जन्मभूमि आंदोलन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया। इसी दौरान उन्होंने सपा पर तीखा हमला करते हुए अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग परिस्थितियों के हिसाब से अपनी राजनीतिक भाषा और रुख बदलते हैं।
‘कल्याण सिंह टूट सकते थे, झुक नहीं सकते थे’
सीएम योगी ने कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा कि वह दबाव में आकर फैसला लेने वाले नेता नहीं थे। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का स्पष्ट मानना था कि वह टूट सकते हैं, लेकिन झुक नहीं सकते।
राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ने सत्ता से अधिक अपने सिद्धांतों को महत्व दिया। उनके मुताबिक, राम मंदिर आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह ने सत्ता का त्याग करने का साहस दिखाया और राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने नकल माफिया के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए थे।

सपा पर ‘राजनीतिक शिष्टाचार’ को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने कल्याण सिंह के निधन के समय राजनीतिक शिष्टाचार का पालन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि सपा कल्याण सिंह की अंतिम यात्रा से लेकर श्रद्धांजलि सभा तक से दूर रही। योगी ने इस मुद्दे को उठाते हुए सपा की राजनीति और उसके रवैये पर सवाल खड़े किए।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार तेज बनी हुई है।
‘P’ की परिभाषा पाकिस्तान भी बता देंगे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना सपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग ‘गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं।’
योगी ने कथित तौर पर कहा कि ऐसे लोग कभी ‘P’ की परिभाषा पिछड़ा बताते हैं तो कभी पंडित और किसी दिन ‘P’ का अर्थ पाकिस्तान भी बता सकते हैं।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके नेताओं के बयानों पर सीधे राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना भी बढ़ गई है।
सनातन धर्म और मानवता का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह को सनातन धर्म और मानवता की सेवा के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक जीवन को उनके सिद्धांतों और सार्वजनिक जीवन से जोड़कर पेश किया।
योगी ने इस दौरान अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कन्नौज मेडिकल कॉलेज और अहिल्याबाई होल्कर के नाम से बने संस्थानों के नाम में किए गए बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया।
‘हिंदू गौरव दिवस’ के बहाने OBC समीकरण पर नजर
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कल्याण सिंह भाजपा के उन प्रमुख नेताओं में रहे हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछड़े वर्ग और विशेष रूप से लोध समुदाय के बीच पार्टी के आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री संदीप सिंह और एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह समेत भाजपा के कई नेता और समर्थक मौजूद रहे।
ऐसे में कार्यक्रम को कल्याण सिंह की विरासत को याद करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के OBC और लोध मतदाताओं के बीच भाजपा के राजनीतिक संदेश को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
यूपी की सियासत में आगे क्या?
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर हमला ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।
‘P’ की परिभाषा वाले बयान ने इस सियासी टकराव को और धार दे दी है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
निष्कर्ष
कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम श्रद्धांजलि के साथ-साथ सियासी संदेश का मंच भी बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के राम मंदिर आंदोलन और राजनीतिक योगदान को याद किया और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। खास तौर पर ‘P की परिभाषा पाकिस्तान भी बता देंगे’ वाली टिप्पणी ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

