सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सुल्तानपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने राम मंदिर, आस्था, वक्फ संपत्तियों, कानून-व्यवस्था और प्रदेश के विकास जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष अयोध्या से जुड़े मामलों पर आस्था की बात कर रहा है, जबकि उनका राजनीतिक इतिहास इससे बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आप कब से राम भक्त हो गए? जिनका आचरण रामद्रोही जैसा रहा हो, जिन्होंने राम भक्तों पर लाठियां और गोलियां चलवाई हों और जिन्होंने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए हों, वे आज आस्था की बात कैसे कर सकते हैं?”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राम मंदिर निर्माण के दौरान जिन लोगों ने विरोध किया या बाबरी ढांचे को हटाए जाने पर आपत्ति जताई थी, वही लोग अब मंदिर और आस्था की राजनीति कर रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्ष की वास्तविक चिंता मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले नहीं, बल्कि अयोध्या में जनता के सहयोग से बने भव्य राम मंदिर को लेकर है।
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो कानून के अनुसार सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने वक्फ संपत्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विपक्ष से सवाल पूछा कि “वक्फ के नाम पर हजारों एकड़ जमीन का वारा-न्यारा हुआ, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कभी उसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई?” उनका कहना था कि विपक्ष चुनिंदा मुद्दों पर ही राजनीति करता है, जबकि अन्य मामलों में मौन रहता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में माफिया का प्रभाव था और सरकारें उन्हें संरक्षण देती थीं। इसके विपरीत वर्तमान सरकार अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है तथा प्रदेश में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। पहले जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं थीं, वहां अब आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को “बीमारू राज्य” बना दिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने विकास की नई दिशा दी है।
योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक आयोजनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले दुर्गा पूजा और रामनवमी जैसे आयोजनों में कई तरह की बाधाएं आती थीं, लेकिन अब लोग बिना किसी भय के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने यात्रा को आसान बनाया है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बढ़ने से उत्तर प्रदेश वैश्विक स्तर पर भी तेजी से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जहां पहले सरकारी धन का उपयोग सीमित कार्यों में होता था, वहीं अब सड़कें, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, आवास और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण जैसे विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जब जनता अच्छी सरकार चुनती है तो विकास की गति तेज होती है और उसका लाभ हर नागरिक तक पहुंचता है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट नहीं है और प्रदेश की छवि पूरे देश में सकारात्मक बनी है। व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। आने वाले समय में राम मंदिर, वक्फ और विकास जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
निष्कर्ष:
सुल्तानपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर कई मोर्चों से हमला बोलते हुए राम मंदिर, वक्फ संपत्तियों, कानून-व्यवस्था और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया। उनके बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब इन आरोपों और दावों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजर रहेगी।

