नई दिल्ली/नोएडा: दिल्ली-एनसीआर में मौसमी फ्लू और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 2,308 हो गई है, जबकि इन्फ्लुएंजा ए और बी के मामलों का आंकड़ा करीब 3,000 तक पहुंच गया है। दूसरी ओर, गौतमबुद्ध नगर में स्थिति और तेजी से बदलती नजर आ रही है। जिले में महज 24 घंटे के भीतर स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या आठ गुना बढ़ गई।
सोमवार तक गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के सिर्फ 15 मरीज सामने आए थे, लेकिन मंगलवार को नए मामलों के बाद यह संख्या बढ़कर 120 हो गई। एक ही दिन में इतनी तेज वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली में अस्पताल अलर्ट मोड पर
राजधानी में फ्लू और वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पतालों की तैयारियों, बीमारी की निगरानी, जांच व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और संक्रमण की जल्द पहचान जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीमारी से निपटने की तैयारियां केवल सरकारी रिपोर्ट और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में एच1एन1 प्रमुख सबटाइप के तौर पर सामने आ रहा है, जबकि पिछले साल एच3एन2 का प्रभाव अधिक देखा गया था।
डेंगू और मलेरिया के मामले भी सामने आए
फ्लू के साथ-साथ दिल्ली में वेक्टर जनित बीमारियों की स्थिति पर भी स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है। इस वर्ष राजधानी में अब तक 570 डेंगू और 215 मलेरिया के मामले सामने आने की जानकारी दी गई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि इस साल डेंगू और मलेरिया से किसी मौत की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों बीमारियों की रोकथाम के लिए संबंधित एजेंसियों को स्प्रेइंग और फॉगिंग तेज करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र की एडवाइजरी के बाद निगरानी बढ़ी
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी दिल्ली के अस्पतालों और संबंधित विभागों तक पहुंचा दी गई है। अधिकारियों को एएलआई/एचएआरआई सर्विलांस मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जल्द पहचान करना, संदिग्ध मामलों की समय पर रिपोर्टिंग करना और जरूरत पड़ने पर उपचार शुरू करना है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया था।
नोएडा में 24 घंटे में आठ गुना बढ़े मामले
दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक हुई वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार तक जिले में जहां सिर्फ 15 मरीज थे, वहीं मंगलवार को यह संख्या बढ़कर 120 हो गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के अनुसार, मंगलवार को सामने आए नए मामलों की जांच निजी अस्पतालों में कराई गई है। जिले में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अलग विशेष लैब उपलब्ध नहीं होने के कारण नमूनों की जांच पीजीआई में कराई जा रही है।
जांच महंगी, इसलिए वास्तविक आंकड़े अलग हो सकते हैं
स्वास्थ्य विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती जांच की लागत भी है। अधिकारियों के अनुसार, स्वाइन फ्लू की जांच महंगी होने के कारण प्रत्येक संदिग्ध मरीज की जांच संभव नहीं हो पा रही है।
इस वजह से सामने आ रहे आधिकारिक आंकड़ों और वास्तविक संक्रमित मरीजों की संख्या में अंतर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू या स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और आवश्यकता होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश
बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों को मरीजों की निगरानी, जांच, उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को लेकर तैयार रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का जोर बीमारी की जल्द पहचान और गंभीर मामलों में समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर है।
दिल्ली-एनसीआर में एक साथ बढ़ रहे फ्लू के मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में सर्विलांस और जांच व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। खासकर गौतमबुद्ध नगर में एक दिन में मामलों में हुई तेज वृद्धि के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में मरीजों की संख्या 2,308 तक पहुंच गई है, जबकि गौतमबुद्ध नगर में 24 घंटे में आंकड़ा 15 से बढ़कर 120 हो गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखते हुए निगरानी, जांच और एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

