नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर को लेकर सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। इनमें सबसे प्रमुख दावा यह था कि अब जंतर-मंतर पर किसी भी प्रकार का विरोध-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा और इस स्थान को प्रदर्शनकारियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इन दावों के वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि जंतर-मंतर अभी भी शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
CJP आंदोलन के बाद तेज हुईं चर्चाएं
हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि प्रशासन ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद कर दिया है।
इसी बीच कई पोस्ट और संदेश वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि अब किसी भी संगठन को वहां धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर आज भी राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों के लिए अधिकृत स्थान बना हुआ है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यहां प्रदर्शन करने के लिए पहले की तरह निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। किसी भी संगठन, संस्था या व्यक्ति को प्रदर्शन आयोजित करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि अनुमति केवल निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने की शर्त पर ही दी जाएगी।
एक हजार लोगों तक की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और दिल्ली पुलिस द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है।
यदि कोई संगठन प्रदर्शन करना चाहता है, तो उसे पहले औपचारिक आवेदन देना होगा। आवेदन की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं।

SOP का पालन जरूरी
पुलिस के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद आयोजकों को कई शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है।
इनमें निर्धारित समय सीमा का पालन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाना, यातायात बाधित न करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जैसी शर्तें शामिल होती हैं।
यदि कोई संगठन इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अफवाहों से बचने की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संदेश या पोस्ट को बिना सत्यापन के साझा न करें।
पुलिस ने कहा कि कई बार गलत जानकारी तेजी से फैलती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
इसलिए नागरिक केवल दिल्ली पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल तथा आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।
प्रदर्शन का अधिकार और कानून-व्यवस्था
भारत के संविधान के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है। हालांकि यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और कानून के दायरे में रहकर ही प्रयोग किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से दिल्ली में जंतर-मंतर को वर्षों से अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में उपयोग किया जाता रहा है, जहां विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों ने समय-समय पर अपने कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
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सोशल मीडिया पर बढ़ी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल दौर में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय-समय पर तथ्यात्मक जानकारी साझा करना आवश्यक हो जाता है।
दिल्ली पुलिस का यह स्पष्टीकरण भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, ताकि प्रदर्शन से जुड़े नियमों को लेकर लोगों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जंतर-मंतर बंद नहीं हुआ है, बल्कि निर्धारित नियमों के तहत यहां पहले की तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष:
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन बंद होने की सोशल मीडिया अफवाहों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। पुलिस ने साफ किया है कि यह स्थल अब भी शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए उपलब्ध है। हालांकि किसी भी प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति, अधिकतम 1,000 लोगों की सीमा और निर्धारित SOP का पालन अनिवार्य रहेगा। लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील भी की गई है।

