गाजियाबाद: कभी दोस्ती को सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता था, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस भरोसे को झकझोर दिया है। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की शांतिनगर कॉलोनी में जन्मदिन की पार्टी के दौरान 22 वर्षीय मोहित शर्मा की उसके ही दोस्तों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस वारदात ने न केवल पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया, बल्कि हाल के महीनों में सामने आए दोस्ती के नाम पर हुए कई हत्याकांडों की भी याद ताजा कर दी।
पुलिस के अनुसार, मोहित शर्मा को उसके परिचित देव ने जन्मदिन की पार्टी में बुलाया था। पार्टी में देव के अलावा गौरव शर्मा, हरि और कुछ अन्य युवक भी मौजूद थे। देर रात तक शराब और हुक्का पार्टी चलती रही। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
बहन को लेकर पुराने विवाद ने ली जान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले मोहित और गौरव के बीच बहन को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन आरोपी के मन में नाराजगी बनी रही।
पार्टी के दौरान बहस बढ़ी तो गौरव ने अचानक मोहित पर चाकू से हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद मोहित जान बचाने के लिए भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए करीब 20 मीटर दूर तक गए। सड़क पर गिराकर उस पर ताबड़तोड़ कई वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
हत्या के बाद पुलिस ने मोहित के भाई की शिकायत पर गौरव शर्मा, देव, हरि समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया। बाद में हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कराने के दौरान मुख्य आरोपी गौरव शर्मा ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मौके से हत्या में प्रयुक्त चाकू, अवैध तमंचा, शराब की बोतलें, हुक्का, प्लास्टिक के गिलास और अन्य अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

परिजनों का हाईवे जाम, एनकाउंटर की मांग
मोहित की हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने एनएच-9 पर विजयनगर बाईपास जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
करीब 35 मिनट तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। लोगों ने आरोपियों को फांसी या पुलिस एनकाउंटर की मांग की। पुलिस अधिकारियों के समझाने और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इसी दौरान कुछ लोगों ने आरोपी देव के घर पहुंचकर तोड़फोड़ भी की, जिसके बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर मकान को सील कर दिया।
पहले भी मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी
परिवार का आरोप है कि लगभग 15 दिन पहले भी मोहित और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था। उस समय गौरव ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
इतना ही नहीं, 25 जून को आरोपी मोहित को खाटूश्याम दर्शन के बहाने अपने साथ ले गए थे। रास्ते में विवाद होने पर मोहित ने अपने रिश्तेदार को वीडियो कॉल कर बताया था कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके साथ मौजूद दोस्त ही जिम्मेदार होंगे।
इसके बाद आरोपी उसे हरिद्वार भी लेकर गए थे। पुलिस अब इन सभी घटनाओं को हत्या की साजिश से जोड़कर जांच कर रही है।
कमरे से सड़क तक मिले खून के निशान
पुलिस जांच में सामने आया कि हमला पहले कमरे के अंदर हुआ, जहां पार्टी चल रही थी। घायल मोहित किसी तरह बाहर भागा, लेकिन आरोपी पीछे दौड़े और सड़क पर गिराकर दोबारा चाकू से हमला किया।
कमरे से लेकर सड़क तक खून के निशान मिले हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, जिससे पूरी घटना की पुष्टि हो सके।
दोस्ती में हत्या के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
गाजियाबाद में हाल के दिनों में दोस्ती के नाम पर हत्या के कई मामले सामने आए हैं।
30 मई को अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की उसके दोस्त ने हत्या कर दी थी।
29 मई को बकरीद के दिन सूर्या नामक युवक की उसके दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
25 मई को मामूली विवाद के बाद ऑटो चालक आफताब की उसके दोस्त ने जान ले ली।
अब मोहित शर्मा की हत्या ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या निजी विवाद, ईर्ष्या और गुस्से के कारण दोस्ती जैसे रिश्ते भी हिंसा का रूप लेते जा रहे हैं।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
निष्कर्ष:
गाजियाबाद का मोहित शर्मा हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज में बदलते रिश्तों और बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है। जन्मदिन जैसी खुशी की महफिल कुछ ही मिनटों में मौत के मैदान में बदल गई। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है, जबकि परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है। यह घटना दोस्ती के नाम पर बढ़ रहे अपराधों को लेकर समाज और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है।

