उत्तर प्रदेश: के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। आरोप है कि बड़े बेटे ने अपने ही पिता पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया।
यह घटना मोदीनगर के बुदाना गांव की है। जानकारी के अनुसार, मृतक हरिओम नेहरा अपने परिवार के साथ रहते थे और उनके नाम पर करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति थी। परिवार के लोगों का आरोप है कि बड़ा बेटा निखिल नेहरा लंबे समय से पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था।
देर रात हुआ खूनी विवाद
बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 10 बजे निखिल नशे की हालत में घर पहुंचा। उस समय हरिओम नेहरा घर के मुख्य गेट पर मौजूद थे। इसी दौरान संपत्ति को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने अपनी पिस्टल निकाल ली।
परिजनों के अनुसार, हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटे बेटे नीशू ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन गुस्से में आरोपी ने पिता पर लगातार गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि कुल सात राउंड फायरिंग की गई, जिनमें से चार गोलियां हरिओम के सिर, सीने और गले में लगीं।
गंभीर रूप से घायल हरिओम को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहले भी छोटे भाई पर चला चुका था गोली
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी निखिल का हिंसक व्यवहार पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2018 में उसने अपने छोटे भाई नीशू के पेट में भी गोली मार दी थी। हालांकि उस समय किसी कारणवश मामला दर्ज नहीं कराया गया था।
अब इस नई वारदात के बाद पुलिस पुराने घटनाक्रम को भी जांच के दायरे में लेकर आरोपी के व्यवहार और पारिवारिक विवादों की पड़ताल कर रही है।

150 करोड़ की संपत्ति बना विवाद का कारण
परिजनों के अनुसार, हरिओम नेहरा के पास करीब 75 बीघा जमीन, छह दुकानें और एक कॉम्प्लेक्स सहित करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति थी। परिवार में विवाद न हो, इसके लिए उन्होंने मौखिक रूप से संपत्ति के तीन हिस्से किए थे।
बताया गया कि निखिल को पहले ही 25 बीघा जमीन और दो दुकानें देने का फैसला किया गया था, जबकि बाकी संपत्ति छोटे बेटे और स्वयं हरिओम के पास रहने वाली थी।
लेकिन आरोपी इससे संतुष्ट नहीं था। वह खुद को परिवार का बड़ा बेटा बताते हुए पूरी संपत्ति अपने नाम कराने की मांग कर रहा था। परिवार का कहना है कि हरिओम को आशंका थी कि यदि पूरी संपत्ति निखिल के नाम कर दी गई तो वह उसे बेच देगा।
नई जमीन को लेकर भी था विवाद
कुछ समय पहले हरिओम ने बुदाना रोड पर लगभग पांच बीघा जमीन खरीदी थी, जहां वह एक बैक्वेट हॉल बनाना चाहते थे। वहीं आरोपी निखिल उस जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की योजना पर अड़ा हुआ था। इसी मुद्दे को लेकर भी परिवार में लगातार तनाव बना हुआ था।
पुलिस ने शुरू की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर आरोपी निखिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संपत्ति को लेकर बढ़ते पारिवारिक विवाद किस तरह हिंसक रूप ले रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
निष्कर्ष:
गाजियाबाद के मोदीनगर में हुई यह वारदात पारिवारिक रिश्तों के टूटते विश्वास और संपत्ति विवाद के खतरनाक परिणामों को सामने लाती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

