नई दिल्ली: भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। अमेरिका में पहले से धोखाधड़ी के कई मामलों का सामना कर रहे गौरव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़ा आरोप लगा है। OCCRP (ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) और इंडोनेशिया की प्रतिष्ठित पत्रिका टेम्पो की संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार, गौरव ने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के वर्तमान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (जो उस समय रक्षा मंत्री थे) का विश्वास हासिल किया और रक्षा सौदों के नाम पर लगभग 425 करोड़ रुपये का कथित फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक यह कथित फर्जीवाड़ा वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुआ। हालांकि इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जिन रक्षा सौदों पर बातचीत हुई थी, वे अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचे, इसलिए सरकार को प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान नहीं हुआ।
खुद को CIA एजेंट बताकर जीता भरोसा
जांच में दावा किया गया है कि गौरव श्रीवास्तव खुद को CIA का “नॉन-ऑफिशियल कवर (NOC)” एजेंट बताता था। वह लोगों को भरोसा दिलाने के लिए जासूसी मिशनों, गुप्त अभियानों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कहानियां सुनाता था।
उसका दावा था कि उसने CIA के विशेष प्रशिक्षण केंद्र “द फार्म” में प्रशिक्षण लिया है और कई खतरनाक गुप्त अभियानों का हिस्सा रहा है। उसने यह भी कहा कि 2008 में कांगो में एक मिशन के दौरान ISIS ने उसे बंधक बना लिया था, जहां से वह किसी तरह बच निकला।
हालांकि अमेरिकी अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार, ये सभी दावे झूठे पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि उसके शरीर पर मौजूद निशान किसी गुप्त मिशन के नहीं बल्कि बचपन में हुई किडनी की सर्जरी के थे।
रक्षा सौदों का बड़ा दावा
गौरव ने इंडोनेशिया को 36 F-15 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और आधुनिक मिलिट्री कमांड सिस्टम उपलब्ध कराने का दावा किया था।
जांच के दौरान सामने आया कि इन रक्षा परियोजनाओं के लिए जिन चार कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, वे कथित तौर पर शेल कंपनियां थीं। बाद में टैक्स भुगतान न करने के कारण इन कंपनियों को बंद कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार केवल 36 F-15 लड़ाकू विमानों की संभावित डील की अनुमानित कीमत करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये थी।

‘मिस्टर G’ कहकर बुलाते थे राष्ट्रपति
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गौरव ने तत्कालीन रक्षा मंत्री और वर्तमान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का इतना विश्वास जीत लिया था कि वे उन्हें “मिस्टर G” कहकर संबोधित करते थे।
गौरव कथित तौर पर राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियां भी साझा करता था, जो केवल उनके करीबी लोगों को मालूम थीं। उदाहरण के तौर पर उसने बताया कि राष्ट्रपति अपने घर में मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें हटाने के पक्ष में नहीं हैं।
उसने यह भी दावा किया कि उसने 2002 के बाली बम धमाकों के आरोपियों को पकड़वाने में मदद की थी और प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में भी उसकी भूमिका रही थी।
अमेरिका में भी कई मुकदमे
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव खुद को तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, सीनेटर चक शूमर और कई सैन्य अधिकारियों का करीबी बताता था।
वह इन नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों को विश्वास दिलाता था कि उसकी पहुंच अमेरिकी सत्ता के शीर्ष स्तर तक है।
हालांकि बाद की जांच में सामने आया कि इन नेताओं से उसकी मुलाकातें राजनीतिक चंदों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों के दौरान हुई थीं, न कि किसी आधिकारिक सरकारी भूमिका के कारण।
लॉस एंजिलिस में खरीदा आलीशान बंगला
जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कथित फर्जीवाड़े से प्राप्त धन का इस्तेमाल गौरव ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में लगभग 208 करोड़ रुपये की कीमत का एक शानदार बंगला खरीदने में किया।
2024 से अमेरिका में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितताओं और झूठे दावों से जुड़े कई मुकदमे चल रहे हैं।
इंडोनेशिया सरकार का क्या कहना है?
इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा परियोजनाओं पर बातचीत हुई थी, वे अंतिम अनुबंध तक नहीं पहुंचीं। इसलिए सरकार को प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। हालांकि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष:
भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर लगे आरोप केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा सौदों की विश्वसनीयता से भी जुड़े हैं। फिलहाल इन आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष और अदालतों के फैसले आने बाकी हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह हाल के वर्षों के सबसे चर्चित अंतरराष्ट्रीय रक्षा धोखाधड़ी मामलों में शामिल हो सकता है।

