भारत: के कॉर्पोरेट जगत की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल रिलायंस जियो का IPO अब हकीकत बनने की ओर बढ़ चुका है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने घोषणा की है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) आज भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल किया जाएगा। इस घोषणा के बाद निवेशकों और शेयर बाजार में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का नेतृत्व उनके तीनों बच्चे—आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी—करेंगे।
27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी जियो
IPO के तहत कंपनी करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस का निर्धारण बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे निवेशकों की मांग के अनुसार कीमत तय हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है। कंपनी के विशाल ग्राहक आधार और तेजी से बढ़ते डिजिटल कारोबार को देखते हुए निवेशकों की इसमें खास दिलचस्पी रहने की संभावना है।
आकाश, ईशा और अनंत को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मुकेश अंबानी ने साफ किया कि जियो के भविष्य को नई पीढ़ी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा। आकाश अंबानी पहले से जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि ईशा अंबानी रिलायंस रिटेल के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अनंत अंबानी भी समूह की विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।
इस IPO के माध्यम से अंबानी परिवार उत्तराधिकार और नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी दे रहा है।
52 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ देश का सबसे बड़ा नेटवर्क
AGM में आकाश अंबानी ने बताया कि जियो का ग्राहक आधार 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को पार कर चुका है। कंपनी अब चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G नेटवर्क संचालित करने वाली टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि 1.3 करोड़ से अधिक घर जियो एयरफाइबर से जुड़ चुके हैं और आने वाले समय में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं का विस्तार और तेज किया जाएगा।

AI और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव
आकाश अंबानी ने जियो की भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि कंपनी वैश्विक सैटेलाइट कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है और भारत के लिए अपना लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर काम कर रही है।
इसके अलावा जामनगर में विकसित हो रहे AI बैकबोन का पहला चरण 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में NVIDIA GB300 GPU तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
भारतीय भाषाओं में AI लाएगा जियो
जियो भारतीय भाषाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए AI प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल अंग्रेजी तक सीमित न रहे, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए उपयोगी बने।
इसी दिशा में कंपनी “जियो कॉल एजेंट” नामक AI वॉइस असिस्टेंट लॉन्च करने जा रही है। यह सीधे जियो नेटवर्क में इंटीग्रेट होगा और यूजर्स को कॉल के दौरान कई स्मार्ट सुविधाएं प्रदान करेगा।
रिलायंस रिटेल का भी शानदार प्रदर्शन
ईशा अंबानी ने AGM में बताया कि रिलायंस रिटेल के पंजीकृत ग्राहकों की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच चुकी है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 1.93 अरब ट्रांजैक्शन पूरे किए।
जियोमार्ट अब 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन चुका है और 5,100 से अधिक पिन कोड क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहा है।
चौथी तिमाही में मुनाफे में गिरावट
हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है, लेकिन चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 19,407 करोड़ रुपये था।
इसके बावजूद कंपनी का कुल राजस्व 13 प्रतिशत बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष
रिलायंस जियो का IPO भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है। 52 करोड़ से अधिक ग्राहकों, 5G नेतृत्व, AI और सैटेलाइट तकनीक में बड़े निवेश के साथ जियो भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आकाश, ईशा और अनंत अंबानी के नेतृत्व में यह IPO न केवल रिलायंस समूह के लिए बल्कि भारतीय निवेशकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बनने वाला है।

