कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक निजी स्कूल की म्यूजिक टीचर ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि एक युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर उसे प्रेम संबंध में फंसाया, शादी का झांसा दिया और दो वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। जब वह गर्भवती हुई, तो आरोपी ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे धमकाया गया, घर में बंद रखा गया और जबरन गर्भपात कराने का आरोप भी लगाया गया है।
घटना कर्नलगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

2017 में मुलाकात, 2023 में बढ़ी नजदीकियां
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह ग्वालटोली क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल में म्यूजिक टीचर है। उसकी मुलाकात साल 2017 में चुन्नीगंज में रहने वाले अभिषेक सिंह उर्फ रौनी से हुई थी। आरोपी गिटार बजाता था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अक्सर मुलाकात होती रहती थी।
पीड़िता के मुताबिक, 2023 में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने खुद को हिंदू ठाकुर बताकर शादी का प्रस्ताव रखा। उसने भरोसा दिलाया कि वह अपने परिवार से बात कर जल्द ही विवाह करेगा। इसी विश्वास के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।
गर्भवती होने पर बदला व्यवहार
पीड़िता का आरोप है कि मई 2025 में उसे पता चला कि वह एक महीने की गर्भवती है। उसने आरोपी से शादी की बात दोहराई, तो उसने पहले हामी भरी, लेकिन कुछ दिनों बाद उसका रवैया बदल गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह ठाकुर नहीं है और उसका असली नाम अभिषेक क्लाउडियस उर्फ रौनी है। इसके बाद उसने कथित तौर पर पीड़िता पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उसे जान से मारने और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।

घरवालों पर भी गंभीर आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने गर्भावस्था की बात आरोपी के परिवारवालों को बताई, तो उसे एक मकान में बंद कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी के पिता, भाई समेत अन्य परिजनों ने उसके साथ मारपीट की और दवाएं देकर जबरन गर्भपात कराया।
शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी के पिता और भाई ने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों ने गाली-गलौज और धमकियां दीं। पीड़िता ने कहा कि उसे कई दिनों तक घर में रोके रखा गया और बाहर किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।
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1090 पर कॉल, फिर थाने में FIR
पीड़िता के अनुसार, 26 फरवरी को जब उसके साथ दोबारा मारपीट हुई, तो उसने 1090 महिला हेल्पलाइन पर कॉल किया। उसे तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद वह सोमवार को सीधे थाने पहुंची और लिखित शिकायत दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर IPC की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि मेडिकल परीक्षण, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच होगी।

पैसों और जेवर हड़पने का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी और उसके परिजनों ने उसे डरा-धमकाकर ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब एक लाख रुपए वसूले। इसके अलावा उसकी चेन, अंगूठी और पायल समेत करीब 50 हजार रुपए भी छीन लिए गए।
पुलिस ने कहा है कि आर्थिक लेन-देन और जेवरात से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी।
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कानूनी पहलू: किन धाराओं में कार्रवाई?
कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि फर्जी पहचान से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए हों, तो यह धोखाधड़ी और दुष्कर्म की श्रेणी में आ सकता है। जबरन गर्भपात, धमकी, अवैध बंधक बनाना और जबरन वसूली जैसे आरोप साबित होने पर गंभीर धाराएं लगती हैं।
हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव
ऐसे मामलों में पीड़िता को सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक आघात झेलना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहचान छिपाकर रिश्ते बनाना और फिर धमकी देना गंभीर अपराध है।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पीड़िता को सुरक्षा, कानूनी सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा दी जाएगी।

पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
एसीपी ने कहा कि “मामले को संवेदनशीलता के साथ लिया जा रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

निष्कर्ष:
कानपुर का यह मामला एक बार फिर बताता है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन रिश्तों में पहचान और भरोसे की जांच कितनी जरूरी है। आरोप गंभीर हैं और जांच जारी है। अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

