बेंगलुरु। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ ‘वंदे मातरम्’ विवाद अब पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में शिकायत दर्ज कराई है। बीजेपी की ओर से यह शिकायत उर्वा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है।
बीजेपी का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का व्यवहार राष्ट्रगीत के प्रति असम्मानजनक था। पार्टी ने सामने आए एक वीडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, यह मामला अभी आरोप और शिकायत के स्तर पर है। पुलिस जांच या किसी सक्षम अदालत के निष्कर्ष के बिना इन आरोपों को साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
क्या है पूरा ‘वंदे मातरम्’ विवाद?
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। बीजेपी नेताओं ने वीडियो को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता उस दौरान आपस में बातचीत करते नजर आए।
बीजेपी ने इसे ‘वंदे मातरम्’ के प्रति असम्मान बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल गया।
बीजेपी का आरोप है कि राष्ट्रीय महत्व के गीत के दौरान नेताओं को पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ उपस्थित रहना चाहिए था। इसी आधार पर पार्टी की ओर से पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है।
सोनिया गांधी के खिलाफ क्यों दर्ज कराई शिकायत?
बीजेपी ने इस मामले में सोनिया गांधी को भी निशाने पर लिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ और कथित तौर पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर असम्मानजनक स्थिति दिखाई दी।
कर्नाटक में बीजेपी की ओर से की गई शिकायत का उद्देश्य मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग करना है। हालांकि, शिकायत दर्ज होना अपने आप में किसी आरोप के सही साबित होने का प्रमाण नहीं है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

मनोज तिवारी ने कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के सामने अपना रवैया दिखाया है।
तिवारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर असहज होने का आरोप लगाया। बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जोड़कर देखा।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा के दौरान इस विवाद को उठाया था। उन्होंने कांग्रेस से ‘वंदे मातरम्’ को लेकर माफी मांगने की मांग की थी।
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ को रोकने या उसका अपमान करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक फायदे के लिए एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी द्वारा लगाए जा रहे आरोप वास्तविकता से अलग हैं।
इस तरह अब यह मामला बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है।
पुलिस शिकायत के बाद क्या होगा?
बीजेपी की शिकायत के बाद अब पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जाती है।
किसी भी शिकायत या FIR के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकता है।
राजनीतिक विवाद के और बढ़ने के आसार
स्वतंत्रता दिवस और ‘वंदे मातरम्’ जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दे से जुड़े होने के कारण इस विवाद के जल्द खत्म होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने का आरोप लगा रही है।
आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज हो सकती है। खासकर कर्नाटक में पुलिस शिकायत के बाद राजनीतिक दबाव और कानूनी प्रक्रिया दोनों पर नजर रहेगी।
निष्कर्ष
कर्नाटक में सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी की पुलिस शिकायत के बाद ‘वंदे मातरम्’ विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बीजेपी ने कार्यक्रम के वीडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज किया है। फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। अब पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

