प्रयागराज: कुंभ से चर्चा में आई एक युवती की शादी अब देशभर में विवाद और जांच का विषय बन चुकी है। मध्य प्रदेश की इस तथाकथित “वायरल कुंभ गर्ल” ने केरल के कोच्चि में एक मुस्लिम युवक फरमान से शादी कर ली, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की टीम कोच्चि पहुंच चुकी है।
कोच्चि में MP पुलिस की एंट्री से बढ़ी हलचल
मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने से एक महिला अधिकारी समेत पांच सदस्यीय पुलिस टीम केरल के त्रिक्काकरा पुलिस स्टेशन पहुंची। यहां उन्होंने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर मामले से जुड़ी अहम जानकारी जुटाने की कोशिश की। पुलिस को सूचना मिली है कि युवती और उसका पति फरमान कलामसेरी इलाके में रह रहे हैं।
हालांकि, पुलिस को जिस व्यक्ति की तलाश थी—जो फरमान का करीबी बताया जा रहा है—वह मौके पर नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
उम्र को लेकर सबसे बड़ा विवाद
इस पूरे मामले की जड़ युवती की उम्र को लेकर है। युवती के माता-पिता का दावा है कि उनकी बेटी अभी सिर्फ 16 साल की है, यानी वह नाबालिग है। इसी आधार पर उन्होंने फरमान के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार, जो दस्तावेज उनके पास हैं, उनमें भी लड़की की उम्र 16 वर्ष ही बताई गई है। ऐसे में यदि यह सही साबित होता है, तो यह शादी कानूनन अमान्य मानी जा सकती है और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

दूसरी तरफ लड़की का दावा—मैं बालिग हूं
मामले को और पेचीदा बनाते हुए युवती ने खुद केरल पुलिस और कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर को एक याचिका दी है। इस याचिका में उसने खुद को 18 साल का बताया है और कहा है कि वह अपनी मर्जी से शादी कर चुकी है।
युवती ने यह भी आशंका जताई है कि उसे जबरन मध्य प्रदेश वापस ले जाया जा सकता है। इसी कारण उसने अपने और अपने पति के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
हाई कोर्ट से फरमान को राहत
इस मामले में केरल हाई कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है। अदालत ने 8 अप्रैल को फरमान को 20 मई तक गिरफ्तारी से अस्थायी राहत दी है। यानी इस अवधि में पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती, जिससे जांच को कानूनी दायरे में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है।
शादी के दस्तावेजों की होगी जांच
पुलिस अब उस आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच करने जा रही है, जो तिरुवनंतपुरम में विवाह पंजीकरण के दौरान जमा किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की सत्यता ही इस केस का सबसे अहम पहलू है।
राजनीतिक एंगल भी आया सामने
इस शादी में वामपंथी दलों के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस मामले को और भी चर्चित बना दिया है। सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन, मंत्री वी शिवनकुट्टी और राज्यसभा सांसद ए ए रहीम जैसे नेताओं के इस विवाह समारोह में शामिल होने की खबर सामने आई है।
वहीं, वामपंथी नेताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और इसके पीछे साजिश हो सकती है।
आगे क्या होगा?
अब इस केस में तीन मुख्य सवाल हैं—
- युवती की असली उम्र क्या है?
- क्या शादी कानूनी रूप से वैध है?
- क्या इसमें किसी तरह का दबाव या साजिश शामिल है?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल, MP पुलिस और केरल पुलिस मिलकर इस संवेदनशील मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
निष्कर्ष:
कोच्चि में सामने आया यह मामला सिर्फ एक शादी का नहीं, बल्कि कानून, उम्र, सहमति और सामाजिक-राजनीतिक पहलुओं का जटिल मिश्रण बन चुका है। जब तक युवती की उम्र और दस्तावेजों की सच्चाई स्पष्ट नहीं होती, तब तक यह केस चर्चा और विवादों में बना रहेगा।

