लखनऊ: के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार रात राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। डीआरआई टीम ने बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से करीब 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ड्रग तस्करी के पीछे कौन-सा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
खुफिया सूचना के बाद एयरपोर्ट पर बिछाया जाल
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, डीआरआई को सोमवार को एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि बैंकॉक से एयर एशिया की फ्लाइट संख्या FD-146 से एक यात्री भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर लखनऊ आने वाला है।
सूचना मिलते ही डीआरआई की टीम अलर्ट मोड पर आ गई। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और संदिग्ध यात्रियों की गहन जांच शुरू कर दी गई। रात करीब 10:35 बजे जैसे ही फ्लाइट लखनऊ एयरपोर्ट पहुंची, टीम ने यात्रियों की निगरानी शुरू कर दी।

बैग की तलाशी में मिला करोड़ों का ड्रग्स
जांच के दौरान अधिकारियों को एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उसे रोककर उसके सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके बैग से 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, यह उच्च गुणवत्ता वाला गांजा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग रहती है। इसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
डीआरआई अधिकारियों ने तुरंत मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद उससे गहन पूछताछ जारी है।
क्या होती है हाइड्रोपोनिक वीड?
हाइड्रोपोनिक वीड सामान्य गांजे की तुलना में अधिक खतरनाक और महंगी मानी जाती है। इसे विशेष तकनीक से नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता और नशे का असर अधिक होता है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग बाजार में इसकी भारी मांग रहती है और तस्कर इसे बड़े शहरों और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं।
15 दिन पहले भी पकड़ी गई थी बड़ी खेप
लखनऊ एयरपोर्ट पर यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। करीब 15 दिन पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने 14.504 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की थी, जिसकी कीमत 14.50 करोड़ रुपये बताई गई थी।
उस मामले में आरोपी यात्री ओमान एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या WY-265 से बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचा था। ग्रीन चैनल पर संदेह होने के बाद उसकी जांच की गई थी।
जांच में उसके बैग से 29 वैक्यूम-पैक पाउच बरामद हुए थे, जिनमें गांजा/मारिजुआना पाया गया। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
एयरपोर्ट बना तस्करों का नया रूट?
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या लखनऊ एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों का नया ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तस्कर नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर ड्रग्स भारत में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि डीआरआई, कस्टम और एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और संदिग्ध यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू
डीआरआई अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है।
मोबाइल फोन, यात्रा दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ड्रग्स की यह खेप आखिर किसे सप्लाई की जानी थी।
निष्कर्ष
लखनऊ एयरपोर्ट पर 12 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद होने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को फिर अलर्ट कर दिया है। लगातार सामने आ रहे ड्रग तस्करी के मामलों से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हैं। अब डीआरआई आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।


