लखनऊ में भाजपा की बड़ी ‘नारी आक्रोश मशाल यात्रा’
राजधानी: लखनऊ शनिवार शाम एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शन का गवाह बनने जा रही है। महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा ने ‘नारी आक्रोश मशाल यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। इस यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पैदल शामिल होंगे। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य सहित सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।
यह मशाल यात्रा शाम 7 बजे लोकभवन के सामने से शुरू होकर अटल चौक, हजरतगंज तक निकलेगी। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
5000 से ज्यादा महिलाओं और कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना
भाजपा संगठन के अनुसार इस मशाल जुलूस में करीब 5000 से अधिक महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह यात्रा महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर जनजागरूकता अभियान का हिस्सा है।
भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण के समर्थन में एक बड़े प्रतीकात्मक कार्यक्रम के तौर पर पेश कर रही है। पार्टी का दावा है कि देश और प्रदेश में महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भाजपा लगातार काम कर रही है।

CM योगी का पैदल मार्च बना चर्चा का केंद्र
इस मशाल यात्रा की सबसे बड़ी खासियत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी है। मुख्यमंत्री का लोकभवन से अटल चौक तक पैदल चलना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं के मुद्दे पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाने की रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश भी मानी जा रही है।
दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी इस यात्रा में शामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और संगठन के कई बड़े पदाधिकारी भी मार्च में हिस्सा लेंगे।
ट्रैफिक डायवर्जन से हजरतगंज इलाके में असर
मशाल जुलूस को देखते हुए प्रशासन ने हजरतगंज और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है। शाम से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। लोकभवन, हजरतगंज, अटल चौक और वीवीआईपी रूट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैरिकेडिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए विशेष टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
महिला आरक्षण और राजनीति का बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस मशाल यात्रा के जरिए महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाना चाहती है।
हालांकि विपक्ष इस कार्यक्रम को राजनीतिक स्टंट बता रहा है, लेकिन भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है। महिला मतदाताओं को जोड़ने और संगठन की ताकत दिखाने के लिए भाजपा इस तरह के बड़े आयोजनों पर लगातार जोर दे रही है।
सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर
प्रशासन ने मशाल यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। महिला पुलिस बल भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेगा।
संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लखनऊ में होने वाली ‘नारी आक्रोश मशाल यात्रा’ सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भाजपा की महिला सशक्तिकरण रणनीति का बड़ा प्रदर्शन मानी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पैदल मार्च, हजारों महिलाओं की भागीदारी और भारी सुरक्षा व्यवस्था ने इस कार्यक्रम को प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाओं में शामिल कर दिया है। अब सभी की नजर इस यात्रा के राजनीतिक संदेश और उसके असर पर टिकी है।


