रात में Instagram और Facebook इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ा बदलाव
नई दिल्ली: अगर आपके घर में बच्चे या किशोर रात-रातभर Instagram और Facebook चलाते हैं, तो Meta का नया फैसला आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। बच्चों और किशोरों की सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर अमेरिका में चल रहे मुकदमों के बीच Meta ने Facebook और Instagram के इस्तेमाल को लेकर कई बड़े बदलावों पर सहमति जताई है।
नए समझौते के अनुसार किशोर यूजर्स के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Facebook और Instagram का एक्सेस ब्लॉक किया जाएगा, हालांकि माता-पिता की अनुमति होने पर अपवाद संभव होगा। इसके अलावा किशोरों के दैनिक इस्तेमाल को डिफॉल्ट रूप से दो घंटे तक सीमित करने का भी प्रावधान है।
यह बदलाव अमेरिका में Meta के खिलाफ 29 राज्यों समेत व्यापक कानूनी कार्रवाई के बीच सामने आया है। Meta ने किसी गलत काम को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन कंपनी ने बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े नए उपायों पर सहमति जताई है।
रात 12 से सुबह 6 बजे तक क्या होगा?
नए नियमों का सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला हिस्सा रात का एक्सेस ब्लॉक है। इसके तहत किशोरों के Facebook और Instagram इस्तेमाल पर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक रोक होगी।
इसका मकसद किशोरों के देर रात तक सोशल मीडिया इस्तेमाल को कम करना है। हालांकि माता-पिता की अनुमति के मामले में इस प्रतिबंध से छूट मिल सकती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि दुनिया भर में हर यूजर का Instagram या Facebook रात में बंद हो जाएगा। मौजूदा समझौता अमेरिका में किशोर यूजर्स से जुड़े कानूनी मामले का हिस्सा है। इसलिए इसे फिलहाल सभी देशों के सभी यूजर्स पर लागू होने वाला वैश्विक नियम समझना सही नहीं होगा।
रोजाना इस्तेमाल पर भी दो घंटे की सीमा
Meta ने किशोरों के लिए रात के प्रतिबंध के साथ रोजाना इस्तेमाल की सीमा का भी प्रावधान स्वीकार किया है। समझौते के तहत Facebook और Instagram पर किशोरों का डिफॉल्ट दैनिक इस्तेमाल दो घंटे तक सीमित किया जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करना है। खास तौर पर उन किशोरों को ध्यान में रखा गया है जो लंबे समय तक लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं।

स्कूल के समय भी कम होंगे नोटिफिकेशन
Meta किशोर यूजर्स के लिए स्कूल के समय में भी नोटिफिकेशन कम करने पर सहमत हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक अधिकांश पुश नोटिफिकेशन बंद किए जाएंगे।
इससे पढ़ाई के दौरान बार-बार फोन चेक करने और सोशल मीडिया से मिलने वाले नोटिफिकेशन के कारण होने वाले व्यवधान को कम करने की कोशिश की जाएगी।
लाइक और रिएक्शन भी होंगे छिपे
नए सुरक्षा उपायों में किशोरों के लिए लाइक और रिएक्शन को डिफॉल्ट रूप से छिपाने का प्रावधान भी शामिल है। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और प्रतिक्रिया को लेकर बनने वाले दबाव को कम करना है।
इसके साथ ही उम्र की पुष्टि करने वाले सिस्टम और बच्चों को उम्र-प्रतिबंधित कंटेंट से दूर रखने के उपायों को मजबूत किया जाएगा।
नॉन-पर्सनलाइज्ड फीड का भी विकल्प
Meta के समझौते में किशोरों के लिए नॉन-पर्सनलाइज्ड फीड उपलब्ध कराने की बात भी शामिल है। इसका अर्थ है कि यूजर्स को ऐसा फीड चुनने का विकल्प मिलेगा जो उनके व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर उसी तरह क्यूरेट न किया गया हो।
इस बदलाव को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम यूजर की गतिविधियों के आधार पर कंटेंट सुझाता है और इससे प्लेटफॉर्म पर समय बढ़ सकता है। नए उपायों का उद्देश्य किशोरों को अधिक नियंत्रण देना है।
Meta पर क्यों हुई इतनी बड़ी कानूनी कार्रवाई?
Meta पर अमेरिका के कई राज्यों ने आरोप लगाया था कि Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया गया जिससे बच्चों और किशोरों को प्लेटफॉर्म पर अधिक समय तक बनाए रखा जा सके।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी ने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर जनता को गुमराह किया और बच्चों के व्यक्तिगत डेटा से जुड़े कानूनों का उल्लंघन किया।
Meta ने इन आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह लंबे समय से बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए कई उपाय कर रही है।
पूर्व Meta इंजीनियर की गवाही से बढ़ा दबाव
मामले की सुनवाई के दौरान Meta के पूर्व सुरक्षा इंजीनियर आर्टुरो बेजार की गवाही भी चर्चा में रही। उन्होंने कंपनी के भीतर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में अदालत को बताया।
इसके अलावा Instagram प्रमुख एडम मोसेरी ने भी अदालत में गवाही दी। उन्होंने Instagram के ‘Take a Break’ जैसे सुरक्षा फीचर और किशोरों के इस्तेमाल से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
Meta देगा अरबों डॉलर
इस समझौते का वित्तीय पक्ष भी बेहद बड़ा है। Meta अगले 10 वर्षों में करीब 12.7 अरब डॉलर की गारंटीड राशि देने पर सहमत हुआ है। कुल भुगतान लगभग 18 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें करीब 5 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि दूसरे बड़े प्लेटफॉर्म्स द्वारा समान सुरक्षा उपाय अपनाने जैसी शर्तों से जुड़ी है।
इसके अलावा कुछ राज्यों के साथ बच्चों के डेटा से जुड़े पुराने मामलों को निपटाने के लिए अलग भुगतान भी शामिल है।
क्या भारत में भी Instagram-Facebook रात में बंद होंगे?
यह सवाल भारतीय यूजर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसा कहना सही नहीं होगा कि भारत में सभी बच्चों या किशोरों के लिए Instagram और Facebook रात 12 से सुबह 6 बजे तक बंद होने जा रहे हैं।
यह व्यवस्था फिलहाल अमेरिका में हुए कानूनी समझौते और वहां के किशोर यूजर्स से संबंधित है। दूसरे देशों में नियम अलग हो सकते हैं और भविष्य में Meta अपनी वैश्विक नीतियों में बदलाव करे, यह अलग विषय है।
निष्कर्ष
Meta ने बच्चों और किशोरों की सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर अमेरिका में हुए बड़े समझौते के तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक एक्सेस ब्लॉक, रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट सीमा, स्कूल समय में नोटिफिकेशन कम करने और लाइक-रिएक्शन छिपाने जैसे महत्वपूर्ण बदलाव स्वीकार किए हैं।
हालांकि, यह नियम अभी भारत के सभी Instagram और Facebook यूजर्स पर लागू नहीं हुआ है। इसलिए “भारत में रात 12 बजे से Instagram-Facebook बंद” जैसी बात फिलहाल भ्रामक होगी।
यह मामला सोशल मीडिया कंपनियों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में बढ़ती कानूनी और नियामकीय सख्ती का संकेत जरूर देता है।

