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Reading: नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: 7 चौंकाने वाले खुलासे, संसद तक हंगामा
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Home - राजनीति - नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: 7 चौंकाने वाले खुलासे, संसद तक हंगामा

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: 7 चौंकाने वाले खुलासे, संसद तक हंगामा

Rajat Kumar
Last updated: 2026/02/09 at 10:09 PM
Rajat Kumar
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5 Min Read
नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR से जुड़ी संसद और विवाद की तस्वीर
पूर्व आर्मी चीफ की किताब को लेकर संसद और राजनीति में घमासान।
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नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR ने देश की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की बिना मंजूरी वाली किताब की कथित सर्कुलेशन को लेकर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिसका सीधा राजनीतिक असर संसद तक दिखा।

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: परिचय

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब Four Stars of Destiny के कथित सर्कुलेशन को लेकर FIR दर्ज की। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद परिसर में इस किताब की कॉपी दिखाते नजर आए।

Contents
नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR ने देश की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की बिना मंजूरी वाली किताब की कथित सर्कुलेशन को लेकर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिसका सीधा राजनीतिक असर संसद तक दिखा।नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: परिचयनरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: पूरा मामला क्या हैराहुल गांधी का संसद में किताब दिखाना2-3 फरवरी का संसद विवादकिताब में क्या है? चीन और अग्निवीर योजना का जिक्र31 अगस्त 2020 की रात: किताब में दर्ज घटनाक्रमजांच में क्या कर रही है दिल्ली पुलिसपहले भी विवादों में रही सैन्य किताबेंनिष्कर्ष / Impact

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR: पूरा मामला क्या है

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर ऐसी जानकारी सामने आई थी कि जनरल नरवणे की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सार्वजनिक रूप से सर्कुलेट हो रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि इसी टाइटल से जुड़ी एक टाइप-सेट PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी। आशंका जताई जा रही है कि यह कॉपी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की गई शुरुआती प्रिंट हो सकती है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय समेत संबंधित सरकारी विभागों से प्रकाशन की औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में बिना अनुमति इसका सार्वजनिक होना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR से जुड़ी संसद और विवाद की तस्वीर
पूर्व आर्मी चीफ की किताब को लेकर संसद और राजनीति में घमासान।

राहुल गांधी का संसद में किताब दिखाना

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR उस समय चर्चा में आई, जब 4 फरवरी को राहुल गांधी संसद परिसर में मीडियाकर्मियों को किताब की कॉपी दिखाते नजर आए।

राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में मौजूद होते, तो वे उन्हें यह किताब सौंपते। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किताब के अस्तित्व से इनकार कर रही है, जबकि यह किताब मौजूद है।

राहुल गांधी का आरोप था कि इस किताब में चीन की लद्दाख में घुसपैठ से जुड़े अहम तथ्य दर्ज हैं, जिन्हें संसद में पढ़ने की उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

2-3 फरवरी का संसद विवाद

इससे पहले 2 और 3 फरवरी को लोकसभा में राहुल गांधी ने एक मैगजीन में प्रकाशित लेख को पढ़ने की कोशिश की थी। उनका दावा था कि इस लेख में नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब के अंश शामिल हैं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और हंगामा करने वाले आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया।

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR से जुड़ी संसद और विवाद की तस्वीर
पूर्व आर्मी चीफ की किताब को लेकर संसद और राजनीति में घमासान।

किताब में क्या है? चीन और अग्निवीर योजना का जिक्र

नरवणे की इस अनपब्लिश्ड किताब में वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच हुए सैन्य तनाव का विस्तृत विवरण है। इसके साथ ही किताब में अग्निवीर योजना की भी समीक्षा की गई है।

कांग्रेस द्वारा साझा किए गए अंशों के अनुसार, 31 अगस्त 2020 की रात को चीनी टैंकों की गतिविधियों और भारतीय सेना की प्रतिक्रिया का मिनट-दर-मिनट विवरण किताब में मौजूद है।

31 अगस्त 2020 की रात: किताब में दर्ज घटनाक्रम

  • चीनी टैंक भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे।

  • सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री, NSA और CDS से स्पष्ट निर्देश मांगे।

  • प्रधानमंत्री से बात के बाद संदेश मिला— “जो उचित समझो, वह करो।”

किताब के अनुसार, अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी पूरी तरह सेना प्रमुख पर छोड़ दी गई थी।

जांच में क्या कर रही है दिल्ली पुलिस

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। जांच का फोकस इन बिंदुओं पर है—

  • किताब की PDF कॉपी कहां से लीक हुई

  • किसने और किस उद्देश्य से इसे सर्कुलेट किया

  • क्या प्रकाशक या किसी तीसरे पक्ष की भूमिका है

पुलिस यह भी देख रही है कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक की गई है।

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR से जुड़ी संसद और विवाद की तस्वीर
पूर्व आर्मी चीफ की किताब को लेकर संसद और राजनीति में घमासान।

पहले भी विवादों में रही सैन्य किताबें

यह पहला मौका नहीं है जब किसी पूर्व सैन्य अधिकारी की किताब पर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई पूर्व अफसरों की पुस्तकों को सरकारी मंजूरी में देरी या संपादन के निर्देश मिले हैं।

इस मामले से जुड़ी अन्य राजनीतिक खबरें आप [LRN24.com पर संसद विवाद से जुड़ी रिपोर्ट] और [LRN24.com पर भारत-चीन सीमा तनाव की खबर] में पढ़ सकते हैं।

सरकारी प्रक्रिया के तहत रक्षा मंत्रालय की मंजूरी अनिवार्य होती है, जिसकी जानकारी भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Ministry of Defence, Government of India पर भी उपलब्ध है।

निष्कर्ष / Impact

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर FIR केवल एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संसदीय परंपराओं से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या किताब को प्रकाशन की अनुमति मिलती है या नहीं। इस विवाद का असर राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सैन्य और प्रशासनिक हलकों में भी लंबे समय तक बना रह सकता है।

TAGGED: China LAC, Defence Ministry, Indian Army, Indian Politics, Ladakh Standoff, MM Naravane, Narvane Book FIR, National Security, Parliament News, Political Controversy, Rahul Gandhi News, Unpublished Book
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