मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक में सोमवार का दिन भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ाने वाला रहा। जिले के कुछ इलाकों में एक ही दिन में दो बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दोनों भूकंप की तीव्रता 2.5 और 3.0 रही। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
नासिक में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जाने के कारण स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। खास बात यह है कि अगस्त महीने में इससे पहले भी जिले में कई बार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा चुकी हैं।
एक ही दिन में दो बार हिली धरती
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सोमवार को पहला भूकंप सुबह 5:06 बजे दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 2.5 बताई गई और यह करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर आया।
इसके बाद दोपहर 12:40 बजे एक और भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 3.0 रही और इसकी गहराई भी लगभग 5 किलोमीटर बताई गई।
भूकंप के दोनों झटके कम तीव्रता वाले थे। जिला प्रशासन के अनुसार, नासिक के पेठ, सुरगाणा और डिंडोरी तालुका के कुछ हिस्सों में लोगों ने कंपन महसूस किया।
फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं की गई है।
इस महीने कई बार महसूस हो चुके हैं झटके
नासिक में भूकंप की गतिविधि केवल सोमवार तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में झटके दर्ज किए जा चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में 6, 8, 10 और 14 अगस्त को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसके अलावा जुलाई के अंतिम सप्ताह में भी नासिक में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई थीं।
लगातार झटकों के कारण प्रशासन और स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

कुछ इलाकों में घरों की दीवारों में आई थीं दरारें
इससे पहले आए भूकंप के झटकों के बाद नासिक के कुछ इलाकों में घरों की दीवारों में दरारें आने की जानकारी भी सामने आई थी।
बताया गया कि सुरगाणा तालुका के भादर और डिंडोरी तालुका के नानाशी में कुछ मकानों की दीवारों में दरारें देखी गई थीं। हालांकि सोमवार को आए दो नए झटकों के बाद किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
लगातार भूकंपीय गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवेदनशील इलाकों की पहचान और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
नासिक में लगातार भूकंप की घटनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह प्रशासन को विशेष निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने नासिक और पालघर जिलों में भूकंपीय गतिविधियों का व्यापक आकलन करने और स्थिति पर नजर रखने को कहा था। साथ ही लोगों, खासकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों के बीच भूकंप से बचाव और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भूकंप जैसी स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देने की जानकारी हो।
विशेषज्ञों की निगरानी में स्थिति
कम तीव्रता के भूकंप अक्सर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन किसी क्षेत्र में बार-बार कंपन महसूस होने पर वैज्ञानिक और प्रशासनिक निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
नासिक में लगातार दर्ज हो रही भूकंपीय गतिविधियों के बीच अब स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आंकड़ों पर नजर रख रही हैं। आने वाले दिनों में गतिविधियों के पैटर्न को समझने के लिए निगरानी और अध्ययन महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल सोमवार को आए दोनों झटकों के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की जा सकती है।
नासिक में क्यों बढ़ी चिंता?
नासिक में चिंता की सबसे बड़ी वजह किसी एक भूकंप की तीव्रता नहीं, बल्कि बार-बार महसूस किए जा रहे हल्के झटके हैं। एक ही दिन में दो कंपन और अगस्त में पहले दर्ज हुई भूकंपीय गतिविधियों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
हालांकि केवल इन घटनाओं के आधार पर भविष्य में बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। फिलहाल वैज्ञानिक आंकड़ों और प्रशासन की निगरानी के आधार पर स्थिति को समझना जरूरी है।
निष्कर्ष:
नासिक में सोमवार को दो हल्के भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों का ध्यान जिले की भूकंपीय गतिविधियों की ओर खींच दिया है। दोनों झटकों की तीव्रता 2.5 और 3.0 रही और फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि अगस्त में बार-बार झटके महसूस होने के कारण प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जागरूकता अभियान और भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी।

