भोगपुरम/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करते हुए राज्य को बड़ी विकास सौगात दी। करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक एयरपोर्ट के साथ प्रधानमंत्री ने लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि “यह नया एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश और विशेष रूप से उत्तर आंध्र के विकास का रनवे है। यह प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा।”
एयरपोर्ट से खुलेगा विकास का नया रास्ता
भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को उत्तर आंध्र क्षेत्र के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस एयरपोर्ट के माध्यम से पर्यटन, उद्योग, निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
पहले चरण में इस एयरपोर्ट की क्षमता हर वर्ष लगभग 60 लाख यात्रियों को संभालने की होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक करने की योजना बनाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से विशाखापत्तनम और आसपास के जिलों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
जनसभा में पीएम मोदी ने क्या कहा?
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन स्वर्ण आंध्र के विजन को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक है।
उन्होंने कहा कि राज्य में शुरू हुई विकास परियोजनाएं सड़क संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देंगी।
प्रधानमंत्री ने जनजातीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए ढिमसा नृत्य की भी सराहना की और कहा कि 13 हजार से अधिक आदिवासी बहनों-बेटियों की प्रस्तुति भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराओं का शानदार उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जिस धरती पर अल्लूरी सीताराम राजू ने आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष किया, वहीं आज आधुनिक विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया भरोसा
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुनिया के कई लोकतांत्रिक देश नेतृत्व के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत के पास अनुभवी और परखा हुआ नेतृत्व है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों तक विकास की नई मिसाल कायम की है और आंध्र प्रदेश को भी लगातार सहयोग मिल रहा है।
आधुनिक तकनीकों से लैस है एयरपोर्ट
भोगपुरम एयरपोर्ट को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ विकसित किया गया है।
इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM), एयरसाइड 4.0, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (APOC) और बायोमेट्रिक यात्री सुविधा जैसी आधुनिक प्रणालियां शामिल की गई हैं।
इसके अलावा टर्मिनल भवन का डिजाइन आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। इसकी छत पारंपरिक झोपड़ियों और अराकू घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाती है, जबकि इसकी संरचना उड़ती हुई मछली की आकृति से प्रेरित बताई गई है।
सेमीकंडक्टर उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम में 460 करोड़ रुपये की लागत वाली सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला भी रखी।
यह राज्य की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई होगी, जहां हर वर्ष लगभग 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और सहायक उद्योगों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत भी की।
इनमें कुरनूल-4 (4.5 गीगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए नई ट्रांसमिशन लाइन की आधारशिला शामिल है, जिस पर लगभग 5,550 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके अलावा कुरनूल, अनंतपुर और अन्य क्षेत्रों की सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बनाई गई ट्रांसमिशन लाइनों का भी उद्घाटन किया गया।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और बिजली आपूर्ति को और मजबूत बनाना है।
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सड़क और बुनियादी ढांचे को भी मिलेगी मजबूती
हवाई अड्डे के साथ-साथ कई सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
इन परियोजनाओं से माल परिवहन आसान होगा, निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी।
सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं से हजारों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
निष्कर्ष
भोगपुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए केवल एक नई हवाई सुविधा नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एयरपोर्ट, सेमीकंडक्टर उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा और सड़क परियोजनाओं पर केंद्रित लगभग 18,000 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में उद्योग, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है। यदि योजनाएं निर्धारित समय में पूरी होती हैं तो उत्तर आंध्र आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।

