नई दिल्ली: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को एक और बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शुक्रवार को दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना के शुरू होने के बाद माता वैष्णो देवी जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को नई गति देगी बल्कि उत्तर भारत के व्यापार, उद्योग और परिवहन नेटवर्क को भी मजबूत बनाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री हरियाणा में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर देश के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेंगे।
दिल्ली से कटड़ा का सफर होगा आधे से भी कम समय में
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे का पहला चरण लगभग 157.92 किलोमीटर लंबा है और इसे करीब 9,680 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह देश के सबसे आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में शामिल होगा।
इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से कटड़ा की यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर केवल 6 घंटे रह जाएगा। वहीं दिल्ली से अमृतसर का सफर भी करीब 8 घंटे से घटकर 4 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
इससे हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।
667 किलोमीटर लंबे मेगा एक्सप्रेसवे का हिस्सा
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 667 किलोमीटर है। यह परियोजना कई चरणों में विकसित की जा रही है। उद्घाटन होने वाला पहला चरण इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पूरी परियोजना तैयार होने के बाद उत्तर भारत के कई राज्यों के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा।

औद्योगिक विकास को भी मिलेगा बड़ा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से केवल यात्रा समय ही कम नहीं होगा बल्कि औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स सेक्टर और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी रोड) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम बनेगी। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होने की संभावना भी बढ़ेगी।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को भी दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन भारतीय रेलवे को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नई पहचान देगी।
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती हैं और भविष्य की हरित परिवहन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही हैं।
26,800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में लगभग 26,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, रेलवे से जुड़ी योजनाएं और अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्य शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य बेहतर सड़क, रेल और परिवहन नेटवर्क के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को नई गति देना है।
अंबाला-काला अंब हाईवे भी होगा राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री NH-7 और NH-344 पर विकसित लगभग 33.81 किलोमीटर लंबे चार-लेन अंबाला-काला अंब हाईवे का भी उद्घाटन करेंगे।
इस परियोजना से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। औद्योगिक क्षेत्रों तक माल परिवहन आसान बनेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं और यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे के पहले चरण के शुरू होने से विशेष रूप से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को सबसे अधिक राहत मिलेगी। कम समय में यात्रा पूरी होने से ईंधन की बचत होगी, सफर अधिक सुरक्षित बनेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगी।
निष्कर्ष
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे का पहला चरण केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में इस परियोजना का लाभ लाखों यात्रियों, श्रद्धालुओं और उद्योग जगत को मिलेगा।

