नई दिल्ली: ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत, युवाओं से पीएम मोदी की भावुक अपील
देश: को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को मादक पदार्थों की लत से दूर रखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक पूरे देश में जनभागीदारी के साथ चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक रविवार को जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, शपथ अभियान और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ होगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव का नेतृत्व करने का आह्वान किया।
‘सामूहिक प्रयासों में बहुत ताकत होती है’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और यह संकल्प अगले 100 सप्ताह तक लगातार आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरू किया गया है। उनका कहना था कि जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब यह आवश्यक है कि देश का युवा किसी भी प्रकार की नशे की लत से दूर रहे।
काशी से शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। इसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस जनआंदोलन से 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन जुड़ चुके हैं, जो समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करेंगे।
ड्रग्स माफिया पर सरकार की सख्त कार्रवाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल ड्रग्स की तस्करी रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को इस जाल में फंसने से बचाना भी है।

परिवारों से खुलकर संवाद करने की अपील
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य या बच्चा नशे की गिरफ्त में आ जाए, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से छिपाना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा सहायता, परामर्श और पारिवारिक सहयोग से किसी भी युवा को नशे की लत से बाहर निकाला जा सकता है। परिवारों में खुलकर संवाद की संस्कृति विकसित करना बेहद जरूरी है ताकि बच्चे गलत रास्ते पर जाने से पहले ही संभाले जा सकें।
‘ड्रग्स कुछ पल का नशा, पूरी जिंदगी की बर्बादी’
प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए उत्साह का भ्रम पैदा करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति का करियर, परिवार, स्वास्थ्य और भविष्य सब कुछ बर्बाद कर देते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सपनों को नशे के कारण नष्ट न होने दें और देश निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
‘दुश्मन देश भी रचते हैं साजिश’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ दुश्मन देश भारत के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने की साजिश रचते हैं। ड्रग्स की तस्करी से मिलने वाला पैसा कई बार आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
100 सप्ताह तक चलेगा जनभागीदारी अभियान
सरकार के अनुसार, यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक चलेगा। इसके तहत देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और युवा समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हर रविवार विशेष जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण, रैलियां, खेल गतिविधियां, संवाद कार्यक्रम और नशा मुक्ति अभियान आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में व्यापक जनजागरूकता पैदा हो सके।
निष्कर्ष
‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि देशव्यापी सामाजिक आंदोलन के रूप में शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी नुकसान पहुंचाता है। यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो भारत को नशा मुक्त और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।

