प्रतीक यादव की तेरहवीं में उमड़ा जनसैलाब, भावुक माहौल में रो पड़ीं अपर्णा यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की तेरहवीं रविवार को लखनऊ में आयोजित की गई। इस दौरान पूरा यादव परिवार, राजनीतिक हस्तियां और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब अपर्णा यादव लोगों को पूड़ियां बांट रही थीं और समर्थकों ने “प्रतीक भैया अमर रहें” के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह सुनकर अपर्णा खुद को संभाल नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा। घर के बाहर और आसपास शोक संदेशों वाले बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए थे। परिसर में रामधुन बज रही थी और वातावरण पूरी तरह गमगीन नजर आया।
सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रतीक यादव की तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने प्रतीक यादव की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और अपर्णा यादव व उनके परिवार को सांत्वना दी।
सीएम योगी करीब 20 मिनट तक कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने अपर्णा यादव, उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट और मां अंबी बिष्ट से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के पहुंचने से कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा तेज हो गई।
अखिलेश, डिंपल और पूरा यादव परिवार पहुंचा
मुख्यमंत्री योगी के जाने के कुछ देर बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी कार्यक्रम में पहुंचे। जैसे ही उनकी गाड़ी विक्रमादित्य मार्ग पहुंची, समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ते नजर आए।
डिंपल यादव भी अपने बच्चों के साथ कार्यक्रम में पहुंचीं। इसके अलावा शिवपाल यादव, अक्षय यादव, आदित्य यादव और यादव परिवार के कई सदस्य तेरहवीं में शामिल हुए।
राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन समाजवादी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत दुख बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।

पूड़ी बांटते समय भावुक हुईं अपर्णा
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव खुद लोगों के बीच पहुंचीं और पूड़ियां बांटीं। उनके साथ भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
जैसे ही लोगों ने “प्रतीक भैया अमर रहें” के नारे लगाए, अपर्णा यादव भावुक हो गईं। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और खुद को संभालते हुए अंदर चली गईं। वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अपर्णा यादव के साहस की तारीफ कर रहे हैं।
कई बड़ी हस्तियां हुईं शामिल
कार्यक्रम में भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों दलों के नेता नजर आए। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, लोकगायिका मालिनी अवस्थी और कई अन्य राजनीतिक-सामाजिक हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं।
लोकगायिका मालिनी अवस्थी धूप से बचने के लिए साड़ी से सिर ढके हुए कार्यक्रम में पहुंचीं। वहीं सुधांशु त्रिवेदी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पूड़ी वितरण में हिस्सा लिया।
13 मई को हुआ था निधन
गौरतलब है कि प्रतीक यादव का 13 मई की सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया था। वह महज 38 वर्ष के थे। इस खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।
14 मई को लखनऊ के बैकुंठ धाम श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी थी।
इसके बाद 16 मई को हरिद्वार के वीवीआईपी घाट पर उनकी अस्थियां विसर्जित की गईं। अपर्णा यादव अपनी बेटियों के साथ चार्टर्ड प्लेन से हरिद्वार गई थीं। उनके साथ शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव भी मौजूद रहे।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
तेरहवीं कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोग अपर्णा यादव के धैर्य और संयम की सराहना कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव की एक साथ मौजूदगी को राजनीति से ऊपर इंसानियत का संदेश बता रहे हैं।
निष्कर्ष:
प्रतीक यादव की तेरहवीं सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह भावनाओं, संवेदनाओं और राजनीतिक एकजुटता का भी बड़ा उदाहरण बनी। अपर्णा यादव का भावुक होना और योगी-अखिलेश समेत तमाम नेताओं का एक मंच पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, शोक और संवेदना का माहौल साफ दिखाई दिया।

