बागेश्वर: धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उनका संत समाज और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के गुरु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने हाल ही में चर्चा में आए राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से “महापाप” है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भगवान के मंदिर में चढ़ाए गए श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी करता है, तो उसे केवल कानून ही नहीं बल्कि भगवान भी उसके कर्मों का फल अवश्य देंगे। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताते हुए सरकार, एसआईटी और कानून व्यवस्था पर विश्वास व्यक्त किया।
‘यह सिर्फ पाप नहीं, महापाप है’
मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान के मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी धनराशि में किसी भी प्रकार की चोरी या हेराफेरी करना बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक और नैतिक दृष्टि से भी “महापाप” है। उनका कहना था कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के तहत सजा तो मिलेगी ही, साथ ही ईश्वर भी उसके कर्मों का उचित दंड देंगे।
उन्होंने कहा कि सत्य को अधिक समय तक छिपाया नहीं जा सकता और अंततः सच्चाई सामने आएगी।
एसआईटी जांच पर जताया भरोसा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि उन्हें एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करेंगी तथा जो भी व्यक्ति दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों से बचें।

‘मंदिरों और संतों के खिलाफ साजिश’ का आरोप
अपने बयान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में कुछ ताकतें लगातार संतों, महंतों, मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है ताकि लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास को कमजोर किया जा सके।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में दोषी है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं से की संयम बरतने की अपील
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के दुष्प्रचार, अफवाह या सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
उन्होंने कहा कि भगवान के मंदिरों के प्रति लोगों की आस्था हमेशा बनी रहनी चाहिए और किसी एक घटना के आधार पर पूरे धार्मिक तंत्र पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है।
हनुमानगढ़ी में गुरु को दी श्रद्धांजलि
अयोध्या यात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमानगढ़ी पहुंचकर महंत राजू दास के गुरु के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने संत समाज के साथ मुलाकात कर दिवंगत संत को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में संत, महंत और श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों ने पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है।
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। जांच एजेंसियां विभिन्न दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किसकी भूमिका रही और क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक आस्था और पारदर्शिता दोनों जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि देश के बड़े धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए वित्तीय पारदर्शिता बेहद आवश्यक है।
यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
निष्कर्ष
अयोध्या में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “महापाप” बताया और कहा कि दोषियों को कानून के साथ-साथ भगवान भी दंड देंगे। उन्होंने एसआईटी जांच और सरकार पर भरोसा जताते हुए श्रद्धालुओं से अफवाहों से दूर रहने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की। अब इस पूरे मामले में सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

