ऋषिकेश/देवप्रयाग: उत्तराखंड में पहाड़ी मार्गों पर मौसम के बीच भूस्खलन का खतरा एक बार फिर सामने आया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भल्लेगांव बागवान के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानी मलबा सड़क पर आ गिरा। मलबा गिरते ही हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
अचानक हुए भूस्खलन से हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मलबा सड़क पर इस तरह फैल गया कि दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
अचानक पहाड़ी से आया भारी मलबा
जानकारी के मुताबिक, ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भल्लेगांव बागवान के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में चट्टानी मलबा नीचे आ गया। देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से ढक गया और वाहनों की आवाजाही थम गई।
भूस्खलन की घटना के बाद प्रशासन को तत्काल इसकी सूचना दी गई। मार्ग बंद होने के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहन फंसने लगे। कुछ ही समय में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार नजर आने लगी।
हाईवे पर यातायात प्रभावित होने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका
मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करते हुए वाहनों को तहसील क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रोकना शुरू कर दिया।
इस कदम का मकसद वाहनों को भूस्खलन प्रभावित हिस्से के पास जाने से रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। पहाड़ी इलाकों में मलबा हटाने के दौरान ऊपर से दोबारा पत्थर या चट्टान गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकना जरूरी माना गया।
जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू
हाईवे बंद होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम ने मार्ग को दोबारा खोलने के लिए काम शुरू कर दिया। मौके पर जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर जमा मलबे और चट्टानों को हटाया जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द सड़क को साफ कर यातायात बहाल किया जा सके। हालांकि, पहाड़ी से लगातार मलबा आने या दोबारा भूस्खलन होने की स्थिति में काम प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल मार्ग को सुरक्षित तरीके से खोलने की कोशिश की जा रही है।

दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार
भूस्खलन के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बदरीनाथ की ओर जाने वाले और ऋषिकेश की ओर आने वाले दोनों दिशाओं के यात्री रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।
हाईवे उत्तराखंड के प्रमुख मार्गों में शामिल है और इस पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक और तीर्थयात्री भी आवाजाही करते हैं। ऐसे में मार्ग बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।
रास्ता खुलने के बाद ही शुरू होगी आवाजाही
पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, मलबा पूरी तरह हटाए जाने और सड़क को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यातायात को सुचारू किया जाएगा। सिर्फ मलबा हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी देखना जरूरी होगा कि पहाड़ी से दोबारा कोई चट्टान या मलबा नीचे न आए।
इसी वजह से हाईवे खोलने से पहले मौके की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा।
पहाड़ी मार्गों पर बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क मार्गों पर भूस्खलन एक बड़ी चुनौती बना रहता है। पहाड़ों से अचानक चट्टान और मलबा गिरने की घटनाएं यातायात के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस तरह की घटना का असर दूर तक दिखाई दे सकता है। इसलिए प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों के लिए मलबा हटाने के साथ-साथ संवेदनशील हिस्सों की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत
भल्लेगांव बागवान के पास हाईवे बंद होने के बाद फिलहाल यात्रियों को प्रभावित हिस्से की ओर जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन की ओर से सड़क खुलने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की व्यवस्था की जा रही है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि बिना आधिकारिक सूचना के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की ओर आगे न बढ़ें। पहाड़ी इलाकों में मलबा हटाए जाने के बाद भी कुछ समय तक पत्थर गिरने का खतरा बना रह सकता है।
निष्कर्ष:
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भल्लेगांव बागवान के पास अचानक हुए भूस्खलन से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। देवप्रयाग पुलिस ने यातायात को सुरक्षित स्थानों पर रोका है, जबकि एनएचएआई की टीम जेसीबी की मदद से मलबा हटाने में जुटी है। सड़क कब पूरी तरह खुलेगी, यह मलबा हटाने और मार्ग की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

